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बाघों की मौत बनी रहस्य: दुधवा में ऐसा क्या हो रहा, जिससे मर रहे टाइगर; 10 दिन में तीन मौतों से उठे सवाल

Sat, 10 Jun 2023 04:03 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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दुधवा में बाघ - फोटो : अमर उजाला
दुधवा टाइगर रिजर्व में 10 दिन के अंदर तीन बाघों और दक्षिण खीरी वन प्रभाग में एक तेंदुए की मौत से वन विभाग सकते में है। इनमें से दो बाघ और एक तेंदुए की मौत आपसी संघर्ष में होना बताई जा रही है। वहीं, लगातार निगरानी का दावा करने वाले वन विभाग को आठ दिन तक बाघ के शव का पता ही नहीं चला। जब बदबू फैली और खोजबीन शुरू की गई, तब शुक्रवार को तालाब में बाघ का शव मिला।

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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन और कोरजोन क्षेत्र में बाघों की मौत रहस्य बनती जा रही है। गोला रेंज की रायपुर बीट से सटे गदियाना गांव में हुई तेंदुए की मौत का मामला वन विभाग आपसी संघर्ष बता रहा है। बाघ और तेंदुए की मौत की गुत्थी अभी सुलझ नहीं पाई थी कि शुक्रवार को किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज के तालाब में बाघ का शव मिला। वन विभाग इस बाघ की मौत को भी आपसी संघर्ष बता रहा है।
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मैलानी रेंज के तालाब में मिला बाघ का शव - फोटो : अमर उजाला

सड़ने लगा था बाघ का शव 

शव के परीक्षण में यह बात सामने निकल कर आई है कि बाघ का शव तालाब के पानी में एक सप्ताह तक पड़ा रहा। इससे उसका शव सड़ने लगा था। ऐसे में बाघों की निगरानी पर भी सवालिया निशान लग रहा है। वन विभाग का दावा है कि बाघों की 24 घंटे बारी-बारी से निगरानी कराई जाती है। बावजूद इसके बाघ का शव आठ दिनों तक पानी में पड़ा रहा और निगरानी टीमों की नजर नहीं गई। शुक्रवार को जब बाघ के शव से दुर्गंध आई तब पता चला।निगरानी टीमों के होश डड़ गए। काफी खोजबीन करने के बाद निगरानी टीमों को कुकरगढ़ा तालाब में खड़ी नरकुल में एक नर बाघ का शव पड़ा दिखाई दिया।
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मृत बाघिन का निरीक्षण करते चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला

भूखी थी रामपुर ढकैया में मरी बाघिन

रामपुर ढकैया गांव की बाघिन का आईवीआरआई बरेली में पोस्टमार्टम हुआ तो उसका पेट पूरी तरह खाली पाया गया था। कुछ यही हाल कोरजोन में मिले बाघ के शव का है। इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की हो रही ताबड़तोड़ मौतों से वनाधिकारियों की कार्यशैली लोगों के गले नहीं उतर रही है। इससे पहले 31 मई को बफर जोन के उत्तर निघासन रेंज में लट्ठौआ इलाके में एक बाघ मृत पाया गया था। वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम कराया। वन विभाग ने बाघ की मौत आपसी संघर्ष में होने की आशंका जताई थी। 

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गन्ने के खेत में पड़ा बाघ का शव (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

तीन साल में मारे गए 10 बाघ

फरवरी 2020- किशनपुर सेंक्चुरी की कटैया बीट में एक बाघिन का शव मिला।
अगस्त 2020- बफरजोन की मैलानी रेंज की जटपुरा बीट में बाघिन का शव मिला।
जनवरी 2021- गोला रेंज की सिकंदरपुर बीट में एक मादा बाघ शावक का शव मिला। सेप्टीसीमिया से मौत की पुष्टि।
फरवरी 2021- दुधवा नेशनल पार्क की बेलरायां रेंज में बाघ का शिकार।
अप्रैल 2021- किशनपुर सेंक्चुरी में बाघिन का शव मिला। डायरिया बताया गया।
सितंबर2021- बफरजोन की मैलानी रेंज में एक मादा बाघ शावक का शव मिला।
अप्रैल 2023- बफरजोन की मैलानी रेंज की सलेमपुर बीट में एक बाघ का शव मिला। पोस्टमार्टम में अंदरूनी अंग फेल होने और आंत में हड्डी फंसने से मौत की पुष्टि।
जून 2023- बफरजोन की मैलानी रेंज की ग्रंट नंबर तीन बीट के रामपुर ढकैया गांव में शुक्रवार रात 12 बजे घुसी बाघिन। शनिवार सुबह हुई मौत। पोस्टमार्टम में भूख-प्यास से बाघिन की मौत की पुष्टि।
09 जून 2023- किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज में एक नर बाघ का शव तालाब में पड़ा मिला। आपसी संघर्ष में हुई मौत की आशंका जताई।
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दुधवा टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी बी. प्रभाकर ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों में स्वछंद विचरण करने वाले बाघों के संरक्षण और संवर्धन के लिए हर संभव प्रयास किए जाते हैं। टाइगर रिजर्व में बाघों के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन, पानी उपलब्ध है। कोरजोन में मिले बाघ के शव के परीक्षण में आपसी संघर्ष में मौत की आंशका जताई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मृत्यु के कारणों का पता चल सकेगा।
 
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