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भीख मंगवाने का मामला: किराए पर लेते हैं इंसान, चंद पैसे देकर करते हैं इस्तेमाल, ऐसे लोग रहते हैं टारगेट पर

Thu, 10 Nov 2022 10:38 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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Human Trafficking Case - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में भीख मंगवाने वाला गिरोह इंसानों को किराए पर लेता है। दिन-रात उनसे भीख मंगवाता हैं। बदले में चंद रुपये उनको देता है। बाकी की पूरी रकम वह खुद हड़प लेते हैं। पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने इसका खुलासा किया। पुलिस ने ये जानकारी दिल्ली पुलिस से भी साझा की है, जिससे वहां के भिखारी गैंग पर शिकंजा कस सके।

बता दें कि नौबस्ता निवासी सुरेश मांझी को उसके परिचित मछरिया निवासी विजय ने नौकरी का झांसा देकर बंधक बना लिया था। हाथ-पैर तोड़े थे और आंखें फोड़ दी थी। उसके बाद राज नागर के हाथों उसको 25 हजार रुपये में बेच दिया था। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर सुरेश से भीख मंगवाते थे। तीस अक्तूबर को तबीयत बिगड़ने पर सुरेश को राज कानपुर छोड़ गया था।
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आरोपी मां-बेटे गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
बीते शुक्रवार को मामला पुलिस के पहुंचा, जिसके बाद पुलिस ने राज और उसकी मां आशा को गिरफ्तार किया था। डीसीपी साउथ प्रमोद कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से वह जेल भेजे गए। पूछताछ में उन्होंने बताया कि किराए पर भीख मंगवाने का दिल्ली में बड़ा गिरोह चल रहा है। इसलिए एक टीम दिल्ली भेजी जाएगी, जो दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर इस गिरोह का पर्दाफाश करने का प्रयास करेगी।
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Human trafficking case - फोटो : अमर उजाला
गैंग का सरगना कौन, ये पता नहीं, पूरी बस्ती है भिखारियों की
पुलिस ने जेल भेजे गए आरोपियों से कई घंटे की पूछताछ की। सामने आया कि दिल्ली में नागलोई की प्रेमनगर इलाके में भिखारियों की पूरी बस्ती है। जहां पर सौ से अधिक परिवार रहते हैं। यह सभी भीख मांगने का काम करते हैं। पुलिस ने जब तहकीकात की, तो पता चला कि छोटे गिरोह के कई अलग-अलग सरगना हैं। जो रकम इकट्ठा करते हैं और जो मुख्य सरगना है... उसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। हर दिन लाखों रुपये भीख का इकट्ठा करते हैं।

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Human trafficking - फोटो : अमर उजाला
ऐसे लोग रहते हैं टारगेट पर
डीसीपी ने बताया कि गैंग से जुड़े लोग दिव्यांग, मानसिक रूप से कमजोर, गरीब लोगों को टारगेट करते हैं। पैसों का लालच देकर उनको अपने साथ ले जाते हैं। उनको यह भी झांसा देते हैं कि वह भीख मांगकर जितने पैसे लाएंगे उसमें थोड़ा हिस्सा लिया जाएगा। मगर जब वह शामिल हो जाते हैं, तो उन पर बर्बरता की जाती है। पूरा पैसा गैंग वाले रखते हैं, भीख मांगने वाले को कुछ पैसे देकर भगा दिया जाता है।
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Human Trafficking Case - फोटो : अमर उजाला
सचेंडी का एक युवक भी बेचा
डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में राज ने बताया कि पांच साल पहले सचेंडी निवासी रामदयाल नाम के शख्स को भी उसने बेचा था। तीन साल तक वह दिल्ली भीख मांगता रहा था। बाद में वह वापस कानपुर आ गया था। पुलिस अब रामदयाल के बारे में जानकारी जुटा रही है, जिससे केस और मजबूत हो सके।
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