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नक्सली हमला: संघर्षों में बीती शैलेंद्र की जिंदगी... पैदल जाते थे 4KM दूर पढ़ने; छुट्टियों में करते थे मजदूरी

Tue, 25 Jun 2024 12:34 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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Shailendra - फोटो : अमर उजाला
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सली हमले में बलिदान होने वाले शैलेंद्र कुमार का जीवन संघर्षों में बीता। उनके जन्म से पहले ही पिता की मौत हो गई थी। पिता की तेरहवीं के दिन शैलेंद्र का जन्म हुआ। उसने शादीशुदा जीवन भी कुछ दिन ही जीया। शादी के तीन माह बाद ही उनकी मौत हो गई। सोमवार को पूरा दिन परिजन शव का इंतजार करते रहे। मंगलवार सुबह शव आने के आसार जताए गए हैं।

 
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विलाप करते परिजन... - फोटो : अमर उजाला
नौगवां गौतम के लोगों ने बताया कि शैलेंद्र के पिता मन्ना लाल की मौत के समय मां बिजमा देवी गर्भवती थीं। पिता की तेरहवीं के दिन ही शैलेंद्र ने जन्म लिया। उस समय नीरज, कंचन और सुशील की उम्र महज तीन से छह साल के बीच थी। आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। 

 
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Sukma Naxal attack - फोटो : अमर उजाला
मां खेतों में काम करके बच्चों का भरण पोषण कर रही थीं। इसके अलावा गर्मी की छुट्टियों में सभी भाई-बहन मजदूरी करते थे। उस समय 30 रुपये मजदूरी मिलती थी। सभी भाई बहन बचपन में पैदल घर से सिकठिया पुरवा स्थित स्कूल जाते थे। 

 

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Sukma Naxal attack - फोटो : अमर उजाला
गरीबी देखकर शैलेंद्र के मामा चंद्रप्रकाश नीरज को अपने साथ ले गए थे। किशोरावस्था आने पर 1200 रुपये की पुरानी साइकिल खरीदी। ग्रामीणों के मुताबिक शैलेंद्र ने निशानेबाजी में कई मेडल जीते थे।

 
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जवानों को गार्ड ऑफ ऑनर - फोटो : अमर उजाला
बलिदानी की भाभी ने बताया कि शैलेंद्र का जन्मदिन 23 जुलाई को था। कुछ दिन पहले उसने फोन करके कहा था कि भाभी इस बार वह अपना जन्मदिन यादगार मनाएगा। जन्मदिन के एक महीने पहले ही बलिदान होने की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।

 
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Sukma Naxal attack - फोटो : अमर उजाला
पत्नी के साथ मात्र सात दिन रहे शैलेंद्र
परिजनों ने बताया कि शैलेंद्र की शादी सात मार्च को हुई थी। वह एक महीने की छुट्टी लेकर गांव आए थे। शादी के बाद पढ़ाई की वजह से शैलेंद्र की पत्नी कोमल का मायके आना जाना लगा रहा। वे लोग केवल सात दिन साथ रहे। इसके बाद शैलेंद्र वापस छत्तीसगढ़ चले गए।

 
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सुकमा में आतंकी हमला - फोटो : अमर उजाला
प्राथमिक विद्यालय और पीएचसी के बीच बनेगा स्मारक
परिजनों से मिलने उपजिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे। शहीद का स्मारक बनाने के लिए दिनभर अधिकारी जगह चिह्नित करते रहे। छह स्थान देखने के बाद गांव के प्राथमिक विद्यालय और पीएचसी के बीच स्मारक बनाने के लिए जगह चिह्नित की गई।

 
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सुकमा में आतंकी हमला - फोटो : अमर उजाला
राज्य सरकार का मुआवजा पत्नी और मां के बीच बंटेगा
बलिदानी के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 50 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। इसमें 35 लाख रुपये पत्नी कोमल और 15 लाख रुपये मां को दिए जाएंगे। वहीं, सुबह परिजनों से सपा का प्रतिनिधिमंडल भी मिला और परिवार को सांत्वना दी। प्रतिनिधिमंडल में विधायक अमिताभ बाजपेई, मुनींद्र शुक्ला, फतेह बहादुर गिल आदि नेता शामिल रहे।
 
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