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वर्चस्व की लड़ाई...खौफनाक मर्डर: हत्या के लिए चुना 'चौराहा', तमंचा सिर पर सटाकर मारी गोली, पढ़िए बदले की कहानी

Wed, 07 Jun 2023 05:51 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में ग्वालटोली के खलासी लाइन सब्जी मंडी चौराहे पर सोमवार रात सत्यम पांडेय (16) की हत्या बेइज्जती का बदला लेने और वर्चस्व की लड़ाई में की गई थी। घटना के कुछ देर बाद गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी रोहित उर्फ टोटा ने पूछताछ में बताया कि तीन दिन पहले सत्यम और उसके साथियों ने इसी चौराहे पर उसे पीट दिया था।

इस बेइज्जती का बदला लेने के लिए ही उसने उसी चौराहे पर सत्यम को बुलाया और सिर पर गोली मार दी। पुलिस ने तीन अन्य संदिग्धों को उठाया है। कोहना, रानीघाट के मर्करी चौराहा के पास किराये पर रहने वाले सीताराम के बेटे सत्यम पांडेय की सोमवार शाम ग्वालटोली थाने से करीब 100 मीटर की दूरी पर हत्या कर दी थी गई थी।

पुलिस ने कुछ घंटों में रोहित नाम के युवक को गिरफ्तार कर उसके पास से तमंचा भी बरामद कर लिया था। मामले में मृतक की चाची ने रोहित सिंह व कुछ अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रोहित ने पुलिस को बताया कि उसके व धर्मेंद्र उर्फ निक्की के गुट के बीच क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था।
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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
दोस्तों ने की थी तमंचे की व्यवस्था
तीन दिन पहले वह खलासी लाइन से गुजर रहा था। तभी धर्मेंद्र के गुट से सत्यम और उसके दोस्तों ने उसे जमकर पीटा था। उसी दिन बीच चौराहे हुई बेइज्जती का बदला लेने के लिए सत्यम की हत्या करने की ठान ली थी। इसके बाद उसने दोस्तों की मदद से तमंचे की व्यवस्था की और सोमवार को प्लानिंग के साथ हत्या कर दी।
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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
सरेशाम हत्या के लिए चुना चौराहा
रोहित ने पुलिस को बताया कि उसने बदला लेने के लिए उसी चौराहे को चुना, जहां सत्यम ने उसे पीटा था। सत्यम के एक दोस्त के माध्यम से उसे बुलवाया। पहले उसे पीटा तो उसके साथ मौजूद दोस्त मदद के लिए पुलिस को बुलाने थाने की ओर भागे। इस बीच रोहित ने कमर में लगा हुआ तमंचा निकाल कर सत्यम के सिर पर गोली मार दी।

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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
दहशत में लोग, पुलिस को नहीं मिला कोई गवाह
रोहित ने जिस वक्त सत्यम की हत्या की, सब्जी मंडी में सैकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद थी। राहगीरों ने सत्यम के साथ मारपीट होते भी देखी थी, लेकिन किसी ने कोई विरोध नहीं किया। गोली चलने के बाद बाजार में भगदड़ मची, तो लोग दुकानें बंदकर निकल गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल के आसपास खड़े कुछ लोगों से और दुकानदारों से वारदात के संबंध में पूछताछ की, तो किसी ने इस संबंध में कोई गवाही नहीं दी।
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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
18 घंटे से पुलिस गिरफ्त में अभियुक्त
हत्या के बाद देर रात करीब 11 बजे पुलिस ने मुख्य आरोपी रोहित को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद से ही अधिकारियों से लेकर इंस्पेक्टर तक ने पूछताछ शुरू कर दी थी। सोमवार शाम से लेकर मंगलवार शाम तक करीब 18 घंटे तक पूछताछ के बाद भी पुलिस वर्चस्व की वजह स्पष्ट नहीं कर सकी।
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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
पता नहीं कर सके वर्चस्व की वजह
डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार ने बताया कि वर्चस्व को लेकर पुराना विवाद हत्या की वजह बना है, लेकिन दोनों क्षेत्र में वर्चस्व किसी चीज का स्थापित करना चाहते थे यह पता नहीं लगाया जा सका। एडीसीपी सेंट्रल आरती सिंह ने बताया कि अभी पूछताछ चल रही है। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों का हंगामा
हत्या के वक्त मृतक की मां रंजना गुरसहायगंज में रिश्तेदारी में शादी में गई थीं। बेटी की हत्या की सूचना पर वह देर रात शहर लौटीं। मंगलवार दोपहर दो बजे के बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव नहीं उठने दिया। परिजनों का कहना था कि रंजना के पति और बड़ा बेटा मानसिक रूप से बीमार हैं।

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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
विधायक बोले- हर संभव मदद मिलेगी
सत्यम मजदूरी करके परिवार की आर्थिक मदद करता था। परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। वहीं, परिजनों ने कहा कि सत्यम का कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। विधायक नीलिमा कटियार व एसीएम छह मौके पर पहुंचे। विधायक ने परिजनों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।

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kanpur murder case - फोटो : अमर उजाला
इसलिए वाल्मीकि परिवार का था चहेता सत्यम
पोस्टमार्टम हाउस में खड़े रंजना के परिवारीजनों ने बताया कि सीताराम से रंजना को बड़ा बेटा दीपक हुआ, जो मनसिक रूप से बीमार है। जब वह तीन माह का था, तब सीताराम रंजना को छोड़कर रानीघाट पर स्थित एक मंदिर में रहने लगे थे। इसके बाद रंजना ने लोगों के घरों में चौका बर्तन शुरू कर दिया था।
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वाल्मीकि परिवार के दर्जनों लोग हुए एकत्रित
इस बीच वाज्मीकि परिवार के एक शख्स ने उसे सहारा दिया, जिससे उसका छोटा बेटा सत्यम हुआ था। हालांकि, बीते आठ नवंबर को उस शख्स की भी बीमारी से मौत हो गई थी। इसलिए सत्यम वाल्मीकि परिवार का चहेता था। हत्या के बाद वाल्मीकि परिवार के दर्जनों लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई थी।
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