उन्नाव जिले में किसी न किसी अपराध के कारण जेल गए लोगों को कारागार विभाग के अधिकारी, कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिला रहे हैं। सलाखों के बाहर आने पर यह नौजवान अपराध नहीं बल्कि रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ेंगे और परिवार का सहारा बनेंगे।
कौशल विकास मिशन के तहत पहले चरण में तीस युवा बंदियों का चयन किया गया है। चार महीने के प्रशिक्षण में वह कंप्यूटर के बेसिक ज्ञान से दक्ष होंगे। जिला जेल बंदियों में कई ऐसे हैं जो पढ़े लिखे हैं लेकिन जाने, अनजाने अपराध कर बैठे।
वहीं कुछ ऐसे हैं जो निरक्षर हैं, लेकिन उनमें पढ़ने और सीखने की ललक है। ऐसे बंदियों के लिए प्रदेश सरकार ने कौशल विकास मिशन के तहत अलग-अलग रोजगार प्रशिक्षण की शुरुआत की है। पहले चरण में कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।