फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur Weather News: अलसाई धूप ने भी तोड़ा छह सालों का रिकॉर्ड, 15 से 17 जनवरी के बीच और तेज होगी शीत लहर

Sat, 14 Jan 2023 07:23 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
खिली धूप का लिया आनंद - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में इस सर्दी में जहां कड़ाके की ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा वहीं धूप ने भी रिकॉर्ड तोड़ डाला। जाड़े के दिनों में छह साल बाद अधिकतम पारा 24 डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले वर्ष 2016 में दिन का पारा 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। रात के पारे में विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने से रात में बादल आ गए और दिन में अच्छी धूप खिली। जिससे पारा एक झटके में 5.9 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। जबकि न्यूनतम पारे में .4 डिग्री सेल्सियस की बढ़त रही। इसी तरह हवा की रफ्तार 3.5 किमी और हवा में अधिकतम नमी 84 व न्यूनतम 59 प्रतिशत रही।
विज्ञापन

2 of 5
खिली धूप में मस्ती करते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
आज से फिर गिरेगा पारा
मौसम विभाग के अनुसार 14 जनवरी से पारे में फिर से कमी आएगी। जो 15 से 17 जनवरी के बीच और बढ़ जाएगी। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार उक्त दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस हो सकता है। इसी तरह अधिकतम पारा 12 से 15 के बीच आ सकता है। दिन में धूप तो निकलेगी लेकिन बर्फीली हवाएं चलने से ठंडक बढ़ सकती है। मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार अगले तीन चार दिनों में पाला भी पड़ सकता है।
विज्ञापन

3 of 5
कानपुर का मौसम - फोटो : अमर उजाला
तापमान का उतार-चढ़ाव सेहत के लिए खतरा
तापमान का उतार-चढ़ाव लोगों की सेहत के लिए खतरा है। तापमान घटने-बढ़ने से वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण बढ़ते हैं। इसके साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोक्षक क्षमता पर भी असर आता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि तापमान के अचानक बढ़ने या घटने पर शरीर तुरंत अपने को समायोजित नहीं कर पाता है।

4 of 5
कानपुर का मौसम - फोटो : अमर उजाला
इसका शरीर के मेटाबोल्जिम पर असर आता है। इससे ब्लड प्रेशर अनियमित हो जाता है। इससे शरीर में खून का थक्का जम सकता है। इसके साथ ही रेनॉल्ड डिजीज की भी दिक्कत हो सकती है। सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि तापमान के उतार-चढ़ाव से वायरल संक्रमण बढ़ता है। इससे जुकाम, खांसी, निमोनिया आदि की दिक्कत बढ़ने लगती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कानपुर का मौसम - फोटो : अमर उजाला
13 जनवरी को इस तरह रहा अधिकतम तापमान
2022 -19.5
2021-17.0
2020-21.0
2019-21.8
2018-21.0
2017-17.6
2016-25.0
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें