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Kanpur Suicide Case: दो लाइन का सुसाइड नोट हुआ बरामद, खुद को ठहराया जिम्मेदार, लिखा- सब बेकार है...अलविदा

Fri, 18 Nov 2022 06:48 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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kanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में प्रतियोगी छात्र अजीत यादव(24) के खुदकुशी के मामले में गुरुवार को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। अजीत के परिजनों ने पुलिस को वह नोट सौंप दिया है। किसी तरह की कार्रवाई करने से मना कर दिया है। नोट में लिखा है...मैं लाइफ में कुछ नहीं कर सकता। सब बेकार है.. अलविदा। मैं स्वयं को गोली मार रहा हूं। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है... सॉरी...। आखिर में अपना नाम लिखा है। 

गुजैनी अंबेडकरनगर निवासी पुलिसकर्मी शिव प्रताप यादव के बेटे अजीत ने बुधवार सुबह चाचा की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली थी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। व्हाट्सएप स्टेटस पर उसने अलविदा, बाए-बाए लिखा था। खुदकुशी करने से पहले पिता को भी फोन कहा था कि वह खुदकुशी करने जा रहा है। पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।
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kanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
डीसीपी साउथ प्रमोद कुमार ने बताया कि बुधवार को परिजन पुलिस के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि अजीत के कमरे की जब छानबीन की, तो एक कॉपी में सुसाइड नोट रखा मिला। उसमें उसने खुद को ही जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि जो बातें नोट में लिखी हुई हैं। उससे ऐसा लगता है कि उसने डिप्रेशन की वजह से निराश होकर अपनी जान दी है।
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kanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि कानपुर में गुजैनी के अंबेडकरनगर में बुधवार सुबह प्रतियोगी छात्र अजीत यादव की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जब छानबीन की तो कई तथ्य चौंकाने वाले मिले।  उसने बुधवार सुबह 9:14 बजे व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा...अलविदा..बाय-बाय..। फिर उसने अपने पिता शिव प्रताप यादव को फोन किया। पिता से बोला कि वह खुद को गोली मारने जा रहा है।

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kanpur suicide case - फोटो : अमर उजाला
पिता कुछ समझ पाते तब तक अजीत ने कॉल कट कर दी। चंद सेकेंड में उसने खुद की कनपटी में गोली मार ली। गोली की आवाज से जब परिजन कमरे में पहुंचे, तो देखा कि अजीत खून से लथपथ पड़ा है। एक हाथ में पिस्टल है। उसने चाचा की लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और विरोध पर उतर आए थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि पोस्टमार्टम के बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उच्चाधिकारियों ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद पोस्टमार्टम कराने को वह राजी हुए। अजीत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसके पिता शिव प्रताप यादव पुलिस में ड्राइवर हैं। वर्तमान में पनकी थाने की पीआरवी में तैनाती है। यही नहीं, अजीत पिछले चार साल से डिप्रेशन में था। लखनऊ से उसका इलाज भी चल रहा था।
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