कन्नौज जिले के जेरकिला मोहल्ले में जिस आतिशबाज के घर में सिलेंडर फटने से विस्फोट हुआ, वहां परिवार के पुरुष सदस्य जुमे की नमाज पढ़ने के लिए गए हुए थे। महिलाएं खाना बनाने के बाद घर के दूसरे हिस्से में चली गई थीं। रसोई और उसके पास के कमरे में कोई नहीं था।
खुद यह सोच कर ही आतिशबाज का परिवार रह-रह कर सिहर उठता रहा। दरअसल, शहर के जेरकिला मोहल्ले के रहने वाल अरशद आतिशबाजी बनाने का काम करते हैं। उनके दूसरे भाई भी इस काम में लगे हैं। अरशद के मुताबिक उनका आतिशबाजी का कारखाना मकान से अलग मौसमपुर अल्हड़ में है।
दुकान नगर पालिका के करीब है। अरशद के मुताबिक वह लोग दोपहर में जुमा की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद गए थे। पीछे में उनकी पत्नी और मां घर में थीं। पत्नी खाना बनाने के बाद सिलेंडर का रेग्यूलेटर बंद करना भूल गईं। इसी से सिलेंडर ने आग पकड़ ली और विस्फोट हो गया। दोनों घर के दूसरे हिस्से में थीं, इसलिए आग देख नहीं सकीं।