jalaun road accident
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चाचा-भतीजे की मौत से पसरा मातम
हादसे में जान गंवाने वाले चाचा रघुनंदन सिंह अपने भतीजे कुलदीप सिंह के साथ खुशी-खुशी बरात के लिए निकले थे। रघुनंदन के पिता हरनाम सिंह ने बताया कि जैसे ही दोनों की मौत की सूचना घर पहुंची तो मां विजया देवी,पत्नी गुड्डी देवी, पुत्र पंकज सिंह, मनोज सिंह,अभिषेक सिंह पुत्री संध्या देवी बेहाल हो गईं। वहीं, कुलदीप की मौत से पत्नी नैना, पुत्र राजन सिंह व भाई मोहित सिंह बेहाल हैं। पिता वकील सिंह पुत्र की मौत से बार-बार गश खाकर गिर जाते हैं।
रिटायर फौजी के पिता बोले बेटे को बस चलाने से मना किया था
हादसे में रिटायर फौजी शिरोमन बघेल की मौत हो गई। फौजी के बेटे जशराज ने बताया कि उनका परिवार लहार में रह रहा है। घटना से पत्नी राममूर्ति, पुत्र जसरथ वघेल, हरेंद्र वघेल,पुत्री रीना बेहाल हैं। उधर, चालक चरन सिंह यादव उर्फ कल्लू की मौत से पत्नी सुमन देवी, पुत्र संजू सिंह, अंशू सिंह व भाई सर्वेश बेहाल हैं। मृतक के पिता रामबरन सिंह, मां रामबेटी ने बताया कि बेटा 15-20 वर्षों से बस चला रहा था। आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं से पुत्र कल्लू से कहा था कि बस चलाना बंद कर दो और दूसरी नौकरी कर लो। पुत्र ने कहा था कि सकालग के बाद बस चलाना बंद कर देंगे। अंतियनपुरा पर दुकान रख कर घर का खर्च चलाएंगे। क्या पता था कि यह उसकी आखिरी सहालग होगी।