इटावा जिले में एकता कॉलोनी में पानी भरे गड्ढे में मासूम हर्षित की गिरकर मौत होने के बाद मां कविता उसके शव को सीने से लगाए रही। उसे विश्वास ही नहीं हुआ कि कलेजे का टुकड़ा अब इस दुनिया में नहीं रहा। बेटे हर्षित के चेहरे पर बार-बार वह हाथ फेरती रही। कहा कि हंस दे एक बार बेटा... बाद में सो जाना।
बेटे हर्षित के शव को लेकर जैसे ही सिपाही सोनू घर पहुंचा तो हर तरफ चीख-पुकार मच गई। मां कविता ने हर्षित के शव को गोद में ले लिया और जमीन पर बैठ गई। कविता कह रही थी, मेरे हरषु को कुछ नहीं हुआ, देखना अभी उठेगा और मेरे गले से लग जाएगा।
बेटे के कपड़े गीले देख बोली, अरे हरषु को तो ठंड लग जाएगी... जल्दी इसके कपड़े लेकर आओ। कुछ ही देर में जैसे ही कपड़े आए, तो वह बदलने में लग गई। सीओ सिटी अमित सिंह और फ्रेंड्स कालोनी थानाध्यक्ष विवेक चौधरी ने सोनू से पूरे मामले की जानकारी ली और परिजनों को ढांढस बंधाया।