इटावा जिले के ताखा कोतवाली क्षेत्र में जिस इकलौते बेटे को अपनी बुढ़ापे की लाठी समझकर लाड़ और प्यार से पाला उसी ने साहब अपनी उम्र पर आते ही घर में उत्पात मचाना शुरू कर दिया। शराब का नशा उसे और पूरे परिवार के लिए दुख का कारण बन चुका था।
यह बात मंगलवार को पुलिस की पूछताछ में बेटे की हत्या के बाद बुजुर्ग लक्ष्मीनारायण बताई। उसने बताया कि कुछ सालों से बेटे को शराब की लत लग गई थी। वह कोई काम नहीं करता था। मेरी खेती-किसानी की मेहनत से जोड़े रुपयों को शराब पीकर बर्बाद करने लगा था।
इससे पूरा परिवार दुखी था। शराब पीने के लिए रोज रुपये मांगता था, मना करने पर मां, पत्नी रानी देवी मारता-पीटता था। मुझ पर भी हाथ छोड़ने में नहीं सोचता था। बेटा था इसलिए सब सह लेते थे। रविवार को शराब के लिए रुपये देने मना करने पर मां को पीटा।