kannauj road accident
रात में पता चल जाता तो शायद बच जाती जान
जीजा के घर भतीजे के साथ न पहुंचने से परेशान परिवार और रिश्तेदारों ने शैलेंद्र के मोबाइल पर कॉल करते रहे। मोबाइल पर 255 मिली मिस्ड कॉल मिली हैं। पिता रामपाल का कहना है कि रात में खोजबीन की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। अगर पता चल जाता, तो समय से अस्पताल पहुंच जाते तो शायद जान बच जाती।