उन्नाव के अाैरास थाना क्षेत्र में मंगलवार दाेपहर काे ससुर की हत्या में अारोपी महिला काे थाने में लाया गया। पुलिस वाले महिला से जैसे ही थाेड़ी दूर हटे महिला की एक हरकत से पूरे थाने में हड़कम्प मच गया। वहां माैजूद पुलिसवालाें के हाथ-पांव फूल गए।
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हिम्मतखेड़ा गांव निवासी हरिभान सिंह यादव (50) संदिग्धावस्था में 16 फरवरी को लापता हो गया था। 17 फरवरी को बहू सुशीला ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस जांच पड़ताल में लगी थी कि पांच मार्च को हरिभान की पौत्री रोशनी (14) ने एसपी को अपनी मां के खिलाफ शिकायती पत्र दिया। उसने अपनी मां पर ही हरिभान सिंह के अपहरण का आरोप लगाया।
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एसपी पुष्पांजलि के निर्देश पर पुलिस ने सात मार्च को अधेड़ की गुमशुदगी को अपहरण की धाराओं में तरमीम किया। अपहरण में बहू सुशीला सहित चार अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने आठ मार्च को सुशीला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। पूछताछ के दौरान सुशीला ने स्वीकार किया था कि 16 फरवरी की रात उसने चार साथियों के साथ मिलकर हरिभान को धोखे से शराब में डाई पिलाकर मार डाला।
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शव कार में डालकर जिला कानपुर देहात के शिवराजपुर थाना क्षेत्र में स्थित लिंक मार्ग पर फेंक दिया। पुलिस ने उसी दिन शव बरामद कर लिया। हरिभान की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी बहू सुशीला, कानपुर देहात के थाना शिवली के ललऊपुरवा निवासी राजवीर सिंह, साकेत एवं हरदोई निवासी छोटक्कू व कानपुर के रवींदर के खिलाफ हत्या के साथ-साथ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया।
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हत्या में शमिल सुशीला, राजवीर व साकेत मंगलवार को कोर्ट में पेश करना था। इसमें राजवीर व साकेत को तो कोर्ट से जेल भेज दिया गया। लेकिन, महिला थाने मौजूद सुशीला ने वहां खड़ी जीप में रखा जला हुई मोबिल ऑयल पी लिया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। महिला हेड कांस्टेबल मीरा द्विवेदी उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची। हालत गंभीर देख कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया।
थानाध्यक्ष कमलेश्वर यादव ने बताया कि महिला पर मुकदमा दर्ज था। उसे जेल भेजना था। जेल जाने से बचने के लिए उसने यह कदम उठा लिया। बुधवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। वह जीप में रखे मोबिल आयल को कैसे पी गई, इसकी भी जांच की जा रही है।