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ज्याेतिषाचार्य की बहू कैसे पहुंची जिस्मफराेशी के धंधे में

Fri, 05 Jan 2018 07:17 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
कानपुर के बिरहाना रोड स्थित सूर्या अपार्टमेंट से पकड़े गए सेक्स रैकेट में पूछताछ के दाैरान कई बड़े खुलासे हुये हैं। इसमें शहर के रसूखदार लाेगाें के नाम सामने अाये हैं पर सबसे खास है एक शहर के ज्याेत‌िषाचार्य की बहू का इस गंदे धंधे में शाम‌िल हाेना। अाख‌िर एक ज्याेत‌िषाचार्य की बहू की वाे काेन सी अधूरी जरूरतें थीं जाे उसे ज‌िस्मफराेशी के धंधे में घसीट लाईं।
 
 

 
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ज्याेत‌िषाचार्य की बहू ने भी कई बड़े खुलासे क‌िये हैं

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सेक्स रैकेट में शामिल एक कॉल गर्ल शहर के एक ज्याेत‌िषाचार्य की बहू है। जो स्वरूपनगर इलाके में रहते हैं। पुल‌िस छानबीन में ज्याेत‌िषाचार्य की बहू ने भी कई बड़े खुलासे क‌िये हैं। इस धंधे से शहर के कई सफेदपाेश लाेगाें के नाम भी जुड़े हैं। रैकेट में सिविल लाइंस स्थित एक बड़े अस्पताल के संचालक का बेटा शेखर गुप्ता भी शामिल है।
 
 
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बड़े ग्राहक उपलब्ध करवाने में ‌म‌िलती थी मुफ्त में सेवाएं

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पुलिस ने बताया कि शेखर बरखा का नियमित ग्राहक था और काफी समय से उससे जुड़ा था। वह रैकेट को बड़े ग्राहक उपलब्ध कराता था। इसके बदले में उसे मुफ्त में सेवाएं दी जाती थीं। शेखर के संबंध कई बड़े लोगों से हैं, इसलिए बरखा उसका इस्तेमाल कर रही थी। सूर्या अपार्टमेंट से गिरफ्तार सेक्स रैकेट संचालिका के गिरोह में विदेशी लड़कियां भी शामिल थीं।
 
 

नेपाल से लेकर रूस तक की लड़कियां शामिल थीं

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ग्राहकों की मांग पर ये उन्हें मुंहमांगी कीमत पर उपलब्ध कराई जाती थीं। इस काम के लिए गिरोह के सदस्य चार्ली कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस को सेक्स रैकेट की संचालिका, एजेंट और कॉल गर्ल्स के मोबाइल से कई विदेशियों के नंबर और व्हाट्सएप मैसेज मिले हैं। इसमें नेपाल से लेकर रूस तक की लड़कियां शामिल थीं।
 
 
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कॉल गर्ल्स की हाेती थी होम डिलीवरी

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संचालिका होम डिलीवरी का भी काम करती थी। अगर ग्राहक कॉल गर्ल्स को अपने ठिकाने पर बुलाता था तो उसके चार्ज अलग थे। पूरी रकम मिलने के बाद ही लड़की बताए गए ठिकाने पर भेजा जाता था। मिलने वाली रकम का तीन हिस्सों में बंटवारा होता था। इसमें एक हिस्सा संचालिका, एक एजेंट और एक कॉल गर्ल को दिया जाता था।
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