मार्केट में 100-100 के नकली नोट आ चुके हैं। पहली नजर में इन्हें पहचानना बेहद मुश्किल है। नकली नोट छापने का कारखाना चोरी छुपे कहीं चल रहा है पुलिस को कई पुख्ता हाथ लगे हैं। कानपुर पुलिस ने पब्लिक द्वारा पकड़े गए एक युवक की तलाशी के दौरान एक ही सीरीज और नंबर के 100-100 के जाली नोट बरामद किए हैं। पुलिस गैंग से जुड़े तीन और लोगों की तलाश कर रही है। इस गैंग के तार पुखराया में पकड़े गए नकली नोटों के कारखाने से जुड़े हैं। पूछताछ में ये नई बात सामने आई है कि अभी भी किसी शहर में नकली नोट छापने का कारखाना चल रहा है।
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सभी नोटों में एक ही नंबर
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किसान नगर स्थित भाऊपुर मोड़ पर शनिवार एक युवक ने तीन दुकानों से 100 का नोट देकर 15-15 रुपये का सामान लिया। जब वह रामचंद्र की दुकान पर पहुंचा और 100 का नोट दिया तो रामचंद्र को नोट देखकर कुछ शक हुआ। इसके बाद वह आसपास की दुकानों में गए और जो नोट युवक ने दिए थे उनका मिलान किया तो नोट नकली होने का खुलासा हुआ। सभी नोटों में एक ही सीरीज और नंबर लिखे थे। भीड़ ने उसे पकड़ लिया। सूचना पाकर एसओ शशि भूषण मिश्र फोर्स के साथ पहुंचे और उसे हिरासत में ले लिया। उसने अपना नाम धर्मवीर बताया और कहा कि वह चकरपुर मंडी में सब्जी बेचता है।
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गैंग के तीन और लोगों के नाम मिले
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थाने लाने के बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, तब उसने खुद को कानपुर देहात के गजनेर निवासी राम प्रकाश का बेटा शिवम बताया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने बिधनू के जामू गांव निवासी राजेश सिंह, चौबेपुर के रुद्रपुर गांव निवासी संजय उर्फ छोटे और नर्वल के करबिगवां के अमित को गिरफ्तार कर लिया। उसने कल्याणपुर और पनकी क्षेत्र के तीन और लोगों के नाम व मोबाइल नंबर बताए हैं। इनके बारे जानकारी जुटाई जा रही है।
पुखरायां नकली नोट कांड से जुड़े हैं तार
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4 जनवरी को कानपुर पुखरायां के मीरपुर गांव में पुलिस ने छापा मारकर नकली नोट छापने का कारखाना पकड़ा था। 76 लाख के नकली नोट बरामद किए गए थे। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को फोटो कॉपी मशीन और स्कैनर के साथ गिरफ्तार किया था। बाद में और नोट बरामद किए गए थे। इसके बाद पुलिस ने पनकी निवासी गैंग के सरगना वीपी उर्फ विजय पाल को साथी के साथ गिरफ्तार करके जेल भेजा था। अब सचेंडी में नकली नोट के साथ पकड़े गए गैंग के तार पुखरायां में पकड़े गए नकली नोटों के कारखाने से जुड़े हैं।
आरोपियों का कहना है कि सरगना वीपी ने ही उन्हें नकली नोट दिए थे, जिन्हें वे लोग बाजार में धीरे-धीरे खपा रहे थे। एसओ ने बताया कि सचेंडी ने दबोचे गए राकेश और वीपी की गहरी दोस्ती है। दोनों नोटबंदी के बाद से नकली नोटों का कारोबार कर रहे थे। राकेश ने पुलिस को बताया कि वीपी ने ही उसे नकली नोट दिए थे। इन्हें बाजार में खपाने के लिए उसने शिवम, संजय और अमित को गैंग में शामिल किया था।