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मंटोरा ग्रुप ने10 करोड़ का कालाधन ऐसे किया सफेद, एक करोड़ पुराने और 20 लाख के नये नोट जब्त

Fri, 30 Dec 2016 01:02 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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मुंह छुपाकर बैठे मनटोरा ग्रुप के अध‌िकारी - फोटो : अमर उजाला
कालाधन सफेद करने वालों की धड़ाधड़ पोल खुलती जा रही है। आयकर व‌िभाग की छापेमारी में देशभर में करोड़ों का कालाधन पकड़ा जा चुका है। एक नेशनल रैकेट की तरह कमीशन लेकर नोट बदलने वाले कानपुर के मनटोरा ग्रुप को रंगे हाथों पकड़ा गया है। मनटोरा ग्रुप के घंटाघर स्थित बावर्ची वनस्पति के डिपो और माल रोड सिटी सेंटर स्थित ऑफिस पर छापा पड़ा था। आयकर के डिप्टी डायरेक्टर वेद प्रकाश, असिस्टेंट डायरेक्टर केके मिश्रा, सौरभ आनंद की टीम ने डिपो में 20 लाख से ज्यादा के दो हजार के नए नोट व एक करोड़ के पुराने नोट बरामद किए थे। आगे पढ़ें मनटोरा ग्रुप ऐसे करता था कालाधान सफेद....
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मामला उम्मीद से बढ़कर निकला

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मुंह छुपाकर खड़े मनटोरा ग्रुप के अध‌िकारी - फोटो : अमर उजाला
मंटोरा ग्रुप के संचालकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से 18 पर्सेंट कमीशन लेकर कालाधन सफेद करने का मामला उम्मीद से बढ़कर निकला। नोटबंदी के बाद से अब तक ग्रुप की ओर से करीब 10 करोड़ रुपये का कालाधन सफेद किया गया। यह जानकारी आयकर विभाग की शुरुआती जांच में सामने आई है। यह रकम और भी बढ़ सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर अधिकारियों ने प्रवर्तन निदेशालय को इसकी सूचना दे दी है। 
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मनटोरा ग्रुप के एमडी जगदीश गुप्ता से हो रही पूछताछ

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कानपुर में पकड़ी गई नई करेंसी - फोटो : अमर उजाला
कालाधन सफेद करने के मामले में मंटोरा ग्रुप के पांच ठिकानों पर बुधवार देर रात हुई आयकर विभाग की छापेमारी गुरुवार को भी पूरा दिन जारी रही। आयकर की कई टीमों ने गुरुवार को कोलकाता स्थित फर्म के रजिस्टर्ड कार्यालय और कानपुर के बिरहाना रोड स्थित कारपोरेट ऑफिस में छापेमारी की। यहां से लेनदेन से संबंधित एक डायरी मिली है। इसमें लिखे कुछ नाम और सूचनाएं संदेह के दायरे में हैं। इस पर अधिकारियों ने मंटोरा ग्रुप के एमडी जगदीश गुप्ता, उनके बेटे और संचालक मंडल के सदस्यों से पूछताछ की है। 

टेलीकॉम कंपनियों से मांगी कॉल डिटेल रिपोर्ट

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20 लाख से ज्यादा के नई करेंसी के नोट पकड़े गए - फोटो : अमर उजाला
सूत्र बताते हैं कि ग्रुप से जुड़े सभी प्रमुख लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट टेलीकॉम कंपनियों से मांगी गई है। आयकर अधिकारी पता लगाएंगे कि नोटबंदी के बाद किन किन लोगों ने कितनी बार इनसे बातचीत की। सभी के मोबाइल जब्त कर लिए गए हैं। मोबाइलों से बड़ी संख्या में संदिग्ध मैसेज भी मिले हैं जिनकी छानबीन की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि संदिग्ध सूचनाओं के आधार पर पता चला है कि कारोबारी ग्रुप ने नेताओं के गठजोड़ के साथ अब तक करीब 10 करोड़ रुपये (हजार व पांच सौ के नोट) का कालाधन सफेद किया है। 
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बोगस खरीदारी दिखाकर करते थे जमा 

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नये और पुराने नोट जब्द करती आयकर व‌िभाग की टीम - फोटो : अमर उजाला
विभागीय सूत्र बताते हैं कि नए नोटों के बदले आ रहे पुराने हजार व पांच सौ के नोटों को ग्रुप की ओर से बोगस खरीदारी दिखाकर बैंकों में जमा किया जा रहा था। इसके लिए बाकयदा खाता भी मेंटेंन किया जा रहा था। सूत्र बताते हैं कि यदि कारोबारी रंगे हाथों न पकड़े जाते तो बैंकों में जमा हुई रकम के जरिये इस खेल को पकड़ना आसान नहीं होता। 
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एक करोड़ के पुराने नोट बरामद

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नोट ग‌िनते आयकर व‌िभाग के अध‌िकारी - फोटो : अमर उजाला
एक न्यूज चैनल के स्टिंग आपरेशन के बाद ग्रुप के घंटाघर स्थित बावर्ची वनस्पति के डिपो और माल रोड सिटी सेंटर स्थित आफिस पर बुधवार को छापा पड़ा था। आयकर के डिप्टी डायरेक्टर वेद प्रकाश, असिस्टेंट डायरेक्टर केके मिश्रा, सौरभ आनंद की टीम ने डिपो में 20 लाख से ज्यादा के दो हजार के नए नोट व एक करोड़ के पुराने नोट बरामद किए थे। टीम ने रोहित गुप्ता, अरविंद, अतिन, जैन, कुशवाहा सहित छह लोगों को मौके पर ही पकड़ा था। इनसे पूछताछ जारी है।
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ये है मंटोरा ग्रुप

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ये हैं मनटोरा ग्रुप के प्रोडक्ट्स
मंटोरा ग्रुप बावर्ची वनस्पति, बावर्ची कच्ची घानी, बावर्ची हाई प्रोटीन सोयाबड़ी, फिटनेस रिफायंड सोयाबन आयल, मंटोरा गोल्ड वेजीटेबिल आयल, कोल्हू स्टार एगमार्क, क्वीन गोल्ड रिफायंड आयल आदि बनाता है। मंटोरा ग्रुप से जुड़े सभी लोगों के खातों की जांच आयकर विभाग कर सकता है। पता लगाया जाएगा कि ग्रुप के कर्मचारियों के खातों में या फर्जी फर्मों के खातों में रकम ट्रांसफर तो नहीं की गई। 
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लखनऊ के नेताओं से हुई थी पांच करोड़ की डील 

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मनटोरा ग्रुप से आयकर ने पकड़ा काला धन - फोटो : अमर उजाला
आयकर अधिकारियों के शिकंजे में फंसे मंटोरा ग्रुप के सात सदस्यों के मोबाइल फोन के मैसेज से चाैंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला है कि एक प्रमुख राजनीतिक दल के लखनऊ के चार नेताओं की पांच करोड़ रुपये बदलने की डील हुई थी। 29 दिसंबर को यह डील पूरी होनी थी। लेकिन एक दिन पहले ही आयकर की रेड पड़ गई। 29 दिसंबर को डील निर्धारित होने की वजह से सुबह से मीडिएटरों के मैसेज आने से यह खुलासा हुआ। आयकर अधिकारियों ने पकड़े गए लोगों के फोन जब्त कर आठ नवंबर के बाद से अब तक हुए मैसेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। सूत्र बताते हैं कि नेताओं की यह डील मीडिएटरों की ओर हो रही थी। आयकर अधिकारियों ने पकड़े गए लोगों से नेताओं के बारे में पूछताछ की लेकिन किसी के नाम का खुलासा नहीं हो सका। आयकर अफसरों ने मीडिएटरों के जरिये नेताओं तक पहुंचने की प्लानिंग तैयार की है। 
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