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भतीजे की कब्र में छुपाए थे बेशकीमती हीरे-जेवरात, पुलिस ने खाेद कर निकलवाए

Tue, 06 Mar 2018 09:52 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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कब्र में छुपाए थे गहने
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की पशुपति नगर शाखा के 32 लॉकर काटकर चोरी हुए गहनाें काे एक युवक ने अपने भतीजे की कब्र खाेद कर छुपाया था। पुलिस ने जब चाेराें के गैंग काे पकड़ ताे उसमे से एक युवक ने अपने गांव ले जाकर कब्र से एक बाेरी साेने अाैर चांदी के जेवरात निकाले। 

 
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पुलिस हिरासत में आरोपी
शातिरों ने चोरी का माल छिपाने के लिए कब्र तक खोद डाली थी। देवी शाह नगर आईआईटी गेट, कल्याणपुर निवासी सतेंद्र उर्फ गुड्डू मूलरूप से इकदिल, इटावा का रहने वाला है। सतेंद्र ने चोरी का माल अपने पैतृक घर के बाहर बनी भतीजे की कब्र को खोदकर उसमें छिपा दिया था। सतेंद्र गिरफ्तारी केबाद पुलिस को इकदिल ले गया। वहां पुलिस ने कब्र खुदवाकर बोरी में भरकर छिपाए गए सोने, चांदी और हीरे के जेवरात बरामद किए। 

 
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गहने दिखाते पुलिस अधिकारी
बदमाश जेल में बंद स्थानीय बदमाशों से मिलकर वारदात स्थल की भौगोलिक स्थिति के बारे में जानकारी जुटा लेते थे। फिर उन लोगों की मदद से बैंक और शोरूम की रेकी करते थे। गैंग के सदस्य इतने एक्सपर्ट हैं कि स्ट्रांग रूम का दरवाजा देखकर बता देते हैं कि दरवाजे में कंकरीट भरी है या नहीं। गैस कटर से कंकरीट वाला दरवाजा काटने में दिक्कत होती है।

 
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गहने लेने पहुंचे लाॅकर धारक
इसलिए जिस बैंक के स्ट्रांग रूम में कंकरीट वाला दरवाजा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न हों ऐसे बैंकों को चुनते थे। बदमाश ऐसे बैंक या शोरूम को निशाना बनाते थे जहां आक्सीजन और रसोई गैस सिलिंडर को आसानी से ले जाया जा सके। वारदात के लिए ऐसा दिन चुनते थे, जब एक-दो दिन की छुट्टी हो। माल आपस में बंाटने के बाद वे लोग आपस में लंबे समय तक बातचीत नहीं करते थे। 
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