कानपुर घाटमपुर निवासी रजा हुसेन ने बताया कि बीते करीब छह महीने पहले उनके मोहल्ले के ही मो. असफाक ने चांदनी नाम के एक किन्नर को उसके पुत्र जाकिर हुसेन के मकान पर किराए में कमरा दिलाया था। किन्नर ने बताया था कि उसकी शादी हो चुकी है और कथित पति वसीम (32) सूरत में प्राइवेट नौकरी करता है। बताया कि चांदनी जब कभी कानपुर या बाहर जाती थी। वहां से वापस लौटने पर उसी कथित पति (आशिक) के साथ ही बाइक से लौटती थी और फिर युवक कई-कई दिन साढ़ में ही चांदनी के साथ रुकता था। वहीं, मोहल्ले वालों ने बताया कि उनके पूछने पर युवक ने खुद को टेंपो चालक बताया था।