यूपी के हरदोई में अपहरण कर धर्मांतरण कराने के बाद बंधक बनाकर एक साल तक युवती से दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 29 जुलाई को किसी तरह छूटकर घर पहुंची लड़की ने हरियावां थाने में घटना के संबंध में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने उसे टरका दिया। पीड़ित युवती बुधवार को पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाने पहुंची। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाने में सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है। युवती को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन
घर के अंदर बंधक बनाकर रखा गया
2 of 3
डेमो पिक
हरदोई हरियावां थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी युवती 10 जून 2016 को शौच के लिए घर से निकली थी। गांव के बाहर उसे पाली कस्बे के रहने वाले जिबराइल, ईश्वरअली, आशिक और मेहताब ने बंधक बना लिया था। आरोप है कि उक्त चारों उसे अपने साथ पाली ले गए। वहां ईश्वरअली के घर में बंधक बनाकर रखा गया। चारों युवक उसे जबरन पिहानी ले गए, जहां एक मौलवी ने धर्मांतरण कराने के बाद उसका निकाह भी करा दिया। युवती का कहना है कि आरोपी उसे बंधक बनाकर रखते थे और चारों ही उसके साथ दुष्कर्म करते थे। इसी दौरान उसने एक पुत्र को भी जन्म दिया। युवती का कहना है कि बीती 29 जुलाई को वह किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर अपने गांव पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई। इसके बाद युवती ने हरियावां थाने में पूरी घटना का जिक्र करते हुए तहरीर दी। युवती का आरोप है कि पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की। बुधवार को वह पुलिस अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र के पास पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी। एसपी ने उसे महिला थाने भेजकर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। एसपी के आदेश पर महिला थाने में चारों आरोपियों के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पीड़ित का चिकित्सीय परीक्षण भी कराया गया।
पुलिस ने युवती की तहरीर पर चारों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। ग्रामीणों से जो कुछ पता चला उससे परदे के पीछे की हकीकत कुछ और निकली। बताया जाता है कि युवती प्रेम प्रसंग के चलते चली गई थी। उसका धर्मांतरण कराया गया और फिर निकाह करा दिया गया। पिछले कुछ समय से युवती पर कुछ अन्य परिजनों के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला जा रहा था। युवती की मानें तो उसके साथ दुष्कर्म हुआ भी। परेशानी तब बढ़ी जब बीती 29 जुलाई को वापस अपने घर पहुंची युवती को माता-पिता ने अपनाने से इंकार कर दिया।