कानपुर में लगातार दो दिन हिंसा होने के बाद रविवार को शहर शांति की ओर बढ़ा। हालात सामान्य होते नजर आए। बाबूपुरवा, बेकनगंज, चमनगंज, यतीमखाना में लोग घरों से बाहर निकले। पुलिस ने व्यापारियों से बाजार खोलने को कहा और सुरक्षा भरोसा दिया।
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नागरिकता कानून के बारे में मुस्लिम महिलाओं को समझाती महिला पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
हिंसा से पूरे शहर में दहशत का माहौल बन गया था। रविवार सुबह बाजार तो नहीं खुला, लेकिन यतीमखाना, परेड और आसपास के इलाकों में हालात सामान्य दिखे। लोग घरों से निकले और अपने काम निपटा कर घर लौट गए।
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सामान्य हुए हालात तो सड़काें पर निकले लोग
- फोटो : अमर उजाला
सुबह हलीम मुस्लिम कॉलेज के पास हजारों की भीड़ जमा तो हुई, लेकिन सभी ने संयम बरता। डीएम व एसएसपी ने सभी से बातचीत कर उन्हें समझाया। इस पर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के बाद लोग अपने घर चले गए।
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हिंसा थमने के एक दिन बाद कुछ ऐसा नजर आया हलीम चौराहा
- फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा का दिया भरोसा
दोपहर करीब दो बजे एडीजी प्रेम प्रकाश ने बेकनगंज, चमनगंज में फ्लैग मार्च शुरू किया। करीब एक घंटे तक वह पूरे इलाके में घूमते रहे। इस दौरान उन्होंने वहां के दुकानदारों से बातचीत की। उनसे दुकानें खोलने को कहा। साथ ही यह भी कहा कि बिल्कुल डरने की जरूरत नहीं है। अगर कोई दिक्कत हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए। उन्होंने कई लोगों से बातचीत कर सुरक्षा का भरोसा दिया।
उपद्रवियों द्वारा पुलिस पर फेंके गए ईंट पत्थर और बोतलें उठाता नगर निगम कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
खेलते-कूदते नजर आए बच्चे
बवाल के बाद लोग सहमे हुए थे, लेकिन रविवार को सब कुछ सामान्य दिखाई दिया। गलियों में बच्चे खेलते दिखे। ऐसा लगा ही नहीं कि शनिवार को कोई बवाल हुआ था।