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चित्रकूट की आधुनिक गोशाला: गोवंश के बनते हैं डिजिटल कार्ड, नस्ल..उम्र..वजन के साथ फीड है 1400 गायों का डाटा

Fri, 10 Feb 2023 12:12 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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चित्रकूट की आधुनिक गोशाला - फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट में एक ऐसी गौशाला है, जहां गोवंश के डिजिटल कार्ड बनते हैं। जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर जानकीकुंड स्थित परमहंस संत रणछोड़दास महाराज के स्थापित मानव सेवा एवं नेत्र चिकित्सा के लिए विख्यात संस्थान सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट का सदगुरु गौ सेवा केंद्र की स्थापना 1968 में की गई थी।

यहां मौजूदा स्थिति में 1400 गाय हैं, जिसमें सभी का डिजिटल कार्ड बना हुआ है। ट्रस्ट द्वारा बताया गया है कि इंटरनेट आधारित एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार करवाया गया। गोसेवा केंद्र की सभी गोवंश का डाटाबेस तैयार किया गया है।

इसमें जैसे ही गाय मुंह के सामने कैमरा स्क्रीन करेंगे.. वैसे ही गाय की नस्ल, उम्र, वजन, टीकाकरण, पूर्व में किया गया मेडिकल ट्रीटमेंट, फोटो जैसी समस्त जानकारियां कुछ ही सेकेंड में सामने आ जाती है। इस सदगुरु गो सेवा समिति की अध्यक्ष और संचालिका ऊषा जैन हैं।
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चित्रकूट की आधुनिक गोशाला - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि डिजिटल कार्ड प्रक्रिया से सबसे बड़ा लाभ यह है कि गोवंश के ट्रीटमेंट करने से पहले उसका डॉक्टर रिकॉर्ड कार्ड देख कर यह पहचान कर सकता है कि कितनी बार ट्रीटमेंट किया गया है। कौन सी दवा लगी है कितनी बार टीकाकरण होना है। कितने दिन की हो गई है। इसके साथ-साथ अगर गाय कहीं बिछड़ जाती है।
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चित्रकूट की आधुनिक गोशाला - फोटो : अमर उजाला
डिजिटल कार्ड के जरिए गाय के स्वामी और उसका नाम का पता लगाकर गाय को अपने गोशाला में ला सकते हैं। उन्होंने बताया कि आगामी समय में सभी गोवंश के लिए जीपीएस सिस्टम के लिए भी हम प्रयासरत हैं, जिससे गोवंश के आवगमन की जानकारी ट्रेस हो सकेगी।

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चित्रकूट की आधुनिक गोशाला - फोटो : अमर उजाला
यहां 80 क्विंटल प्रतिदिन हरा चारा, 30 क्विंटल गेहूं का भूसा, 10 क्विंटल दाना-चोकर दलिया और पशु आहार प्रतिदिन गायों को दिया जाता है। गायों के रखरखाव के लिए 15 शेड अलग-अलग बनाए गए हैं, जिसमें गर्भवती गोवंश को अलग, बछड़े अलग, दुर्घटनाग्रस्त विकलांग गोवंश अलग, बीमार गोवंश अलग और स्वास्थ्य गोवंश अलग रखे जाते हैं।
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चित्रकूट की आधुनिक गोशाला - फोटो : अमर उजाला
सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त हुई गायों को उपचार के लिए लाने के लिए गौ-वाहिनी (एम्बुलेंस) और स्ट्रेचर की भी व्यवस्था है। इसी के साथ विशेष आकर्षण का केंद्र है.. गायों के लिए वाटर शावर की व्यवस्था। यहां फोगर के माध्यम से गायों को नहलाने की भी व्यवस्था है।
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चित्रकूट की आधुनिक गोशाला - फोटो : अमर उजाला
गौ सेवा करने के लिए संस्था द्वारा 30 सेवक नियुक्त किए गए हैं, जिसमें 20 गो सेवक, 6 पशुचिकित्सक और पैरावेट की टीम, पर्यवेक्षक व प्रबंधक अदि उपस्थित रहते हैं। समय-समय पर गायों को विभिन्न रोगों से बचाव के लिए उनका टीकाकरण भी किया जाता है। यहां प्रतिदिन गोपूजन और गोमाता की आरती भी की जाती है।
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चित्रकूट की आधुनिक गोशाला - फोटो : अमर उजाला
गोसेवा केंद्र में गोवंश के गोबर और गोमूत्र से गमले, धूपबत्ती, गोमूत्र अर्क, गौकाष्ठ, फिनायल, खाद, मच्छर धूप, पूजा धूप आदि का निर्माण किया जाता है। यह पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। बता दें यह गो सेवा केंद्र मध्य प्रदेश गो संवर्धन एवं गोपालन बोर्ड भोपाल और एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पंजीकृत गोशाला है।
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