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ठेकेदार को जिंदा फूंका: आरोपी बिल्डर और मुंशी भेजे गए जेल, रात भर चली पूछताछ, जानिए दोनों ने क्या कहा

Fri, 22 Jul 2022 06:29 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

ठेकेदार को जिंदा फूंकने वाले बिल्डर और मुंशी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अन्य अज्ञात की भूमिका की तफ्तीश जारी है। वहीं, रातभर चली पूछताछ में दोनों ने वारदात नहीं कबूली है। दोनों यही कहते रहे कि ठेकेदार ने खुद ही आग लगाई है। 
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आरोपी बिल्डर शैलेंद्र और उसका मुंशी राघवेंद्र तिवारी - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में ठेकेदार को जिंदा जलाने के आरोप में जेल भेजे गए बिल्डर शैलेंद्र श्रीवास्तव व उसके मुंशी राघवेंद्र तिवारी से पुलिस अफसरों ने बुधवार देर रात तक पूछताछ की। दोनों में से किसी ने भी वारदात नहीं कबूली। वह एक बात कहते रहे कि ठेकेदार राजेंद्र ने खुद ही आग लगा ली। हम लोगों ने नहीं जलाया। फिलहाल पुलिस हत्या के बिंदु पर विवेचना कर रही है। अगर कोई अन्य साक्ष्य मिलते हैं तो उनकी भी गहनता से छानबीन करेगी। 

वारदात के तुरंत बाद ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। चकेरी थाने में डीसीपी पूर्वी और एसीपी कैंट ने कई घंटे तक उनसे पूछताछ की। शुरुआत में दोनों ने राजेंद्र से मारपीट की बात कबूली लेकिन बाद में वह उससे भी मुकर गए। शैलेंद्र ने पूछताछ में बताया कि वह और उनका पूरा परिवार घर के भीतर था। वह खुद पूजा कर रहे थे। तभी चीखने की आवाज सुनाई दी। जब वह बाहर आए तो देखा कि राजेंद्र आग की चपेट में हैं। इसलिए तत्काल पुलिस को सूचना दी। इसके आगे शैलेंद्र ने कुछ नहीं बताया। यही बात दोहराता गया। 
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builder burnt alive contractor - फोटो : अमर उजाला
बयान सुनाया, सख्ती से पूछा 
सांसें थमने से पहले राजेंद्र ने बयान दिया था। पुलिस ने उसका वीडियो बनाया था, जिसमें वह शैलेंद्र व राघवेंद्र पर आग लगाने का आरोप लगाते सुनाई दे रहे हैं। पुुलिस ने यह वीडियो आरोपियों को दिखाया, तो वे राजेंद्र को ही झुठलाते रहे। खुद को निर्दोष बताया।
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builder burnt alive contractor - फोटो : अमर उजाला
99 फीसदी जल गया था शरीर, विसरा सुरक्षित 
राजेंद्र के शव का गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक राजेंद्र का 99 फीसदी शरीर जल गया था। मल्टी ऑर्गेन फेल होने के साथ कार्डियो रेस्पिरेटरी फेल हो गई थी, जिसकी वजह से न्यूरोजेनिक शॉक लग गया था। इससे उनकी मौत हुई। डॉक्टर ने विसरा भी सुरक्षित किया है, क्योंकि पुलिस को जानकारी दी गई थी कि राजेंद्र शराब के नशे में थे। बिसरा जांच रिपोर्ट से इसकी पुष्टि होगी कि वह नशे में थे या नहीं। 

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builder burnt alive contractor - फोटो : अमर उजाला
बिल्डर के साम्राज्य पर चले बुलडोजर
पीड़ित परिवार से मिलने के लिए मोर्चरी में पूर्व मंत्री व पाल समाज के पदाधिकारी सतीश पाल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बहुत ही विभत्स घटना है। दोषियों को फांसी होनी चाहिए। बिल्डर का बड़ा अवैध साम्राज्य है। वह शासन प्रशासन से शिकायत करेंगे कि उसपर बुलडोजर चले।
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मृतक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आरोपी बिल्डर और मुंशी भेजे गए जेल 
ठेकेदार को जिंदा जलाकर मारने वाले आरोपी बिल्डर और उसके मुंशी को पुलिस ने गुरुवार दोपहर कोर्ट में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाए हैं। मरने से पहले ठेकेदार ने जो बयान दिया है। पुलिस ने सबसे अहम साक्ष्य उसी को बनाकर कोर्ट में पेश किया। पुलिस अब तफ्तीश कर रही है कि क्या वारदात में किसी और की भूमिका है या नहीं।
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builder burnt alive contractor - फोटो : अमर उजाला
लाल बंगला एनटू रोड स्थित एमईएस कालोनी निवासी ठेकेदार राजेंद्र पाल (59) का 18 लाख रुपये श्याम नगर के रहने वाले बिल्डर शैलेंद्र श्रीवास्तव पर बकाया था। पिछले तीन वर्षों से इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार दोपहर जब राजेंद्र उसके घर पहुंचे थे तो उनको जिंदा जला दिया गया था। पुलिस ने शैलेंद्र व उसके मुंशी राघवेंद्र पर हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। 
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builder burnt alive contractor - फोटो : अमर उजाला
डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान राजेंद्र ने बयान दिया था, जिसमें कहा था कि शैलेंद्र व राघवेंद्र ने उनको जलाया है। यह बयान पुख्ता सुबूत है। इसका वीडियो भी है। घटना स्थल आरोपी का घर है। ये सभी सुबूत जांच में शामिल किए गए हैं। उसी आधार पर आरोपियों को जेल भेजा गया है।
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builder burnt alive contractor - फोटो : अमर उजाला
शिकायतें बयां कर रहीं राजेंद्र की बेबसी
जब से शैलेंद्र, राजेंद्र का पैसा दबाकर बैठा था, तब से वह लगातार हर तरफ मदद की गुहार लगा रहे थे। कई बार चौकी, थाने के अलावा अलग-अलग हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायतें की थी। शैलेंद्र की वजह से वह कर्ज में डूबे थे। इन सभी शिकायतों को पुलिस ने जांच में शामिल किया है।
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