मानसून की पहली ही बारिश में ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की सड़क कई स्थानों पर धंस गई। ताजा मामला औरैया जिले का है, जहां एक्सप्रेस-वे के सोल्डर की मिट्टी कट गई। तो वहीं, ड्रेनेज सिस्टम की नाली भी क्षतिग्रस्त हुई। इसके अलावा महोबा में एक्सप्रेस-वे पर मवेशियों के झुंड घूमने से हादसों का खतरा बढ़ गया है।
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एक्सप्रेस-वे की सड़क किनारे की कटी मिट्टी
- फोटो : अमर उजाला
योगी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट की मजबूती की हकीकत पहली ही बारिश ने खोल कर रख दी। जिले के मिहौली के पास निर्माणाधीन टोल प्लाजा से थोड़ी ही दूर झमाझम बारिश के चलते सड़क के एक तरफ किनारा कट गया। इससे सोल्डर की मिट्टी बह गई। इसके साथ ही ड्रेनेज सिस्टम की नाली भी क्षतिग्रस्त हो गई।
16 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। इस एक्सप्रेसवे के बनने से लोगों में चित्रकूट, दिल्ली, इटावा, लखनऊ समेत अन्य स्थानों को जाने में लगने वाले समय में कमी होने से खुशी छाई है। लेकिन अहम बात यह है कि जल्दबाजी से किए गए इस बुंदेलखंड के निर्माण कार्य में मजबूती को लेकर अनदेखी बरती गई।
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सोल्डर की मिट्टी कटी
- फोटो : अमर उजाला
इसकी हकीकत धीरे-धीरे सामने आनी शुरू हो गई है। जिसमें टोल प्लाजा से लगभग सौ मीटर पर पश्चिम की तरफ सड़क के किनारे शोल्डर की मिट्टी बारिश में बह गई। वहीं ड्रेनेज सिस्टम की नाली भी क्षतिग्रस्त हो गई। उधर, प्रदेश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पूरा होने से सरकार को भी विपक्षियों को प्रदेश में कम समय में कराए गए विकास कार्यों की सूची के लिए एक और मुद्दा मिल गया।
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ड्रेनेज सिस्टम की नाली भी हुई क्षतिग्रस्त
- फोटो : अमर उजाला
अभी काम चल रहा है। इसी दौरान बारिश हो गई, इस कारण मिट्टी बही है। उसे दुरुस्त कराया जा रहा है। -आकाश सिंह, डिप्टी मैनेजर, गवार कंस्ट्रक्शन कंपनी
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एक्सप्रेस-वे पर मवेशियों का कब्जा
- फोटो : अमर उजाला
एक्सप्रेस-वे पर मवेशियों का कब्जा, बचकर निकलिये जनाब
यदि आप बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर सुहाने सफर का आनंद ले रहे हैं, तो जरा सावधान रहिए। जिले के आठ गांव से गुजरे एक्सप्रेस-वे पर जगह-जगह मवेशियों के झुंड नजर आ रहे हैं। इससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर कब्जा जमाए मवेशियों से वाहन चालक बचकर गुजरते रहे।
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खन्ना के समीप एक्सप्रेस-वे पर मवेशियों के झुंड के बीच से निकलता वाहन
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले 16 जुलाई को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुआयामी बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का जनपद जालौन के कैथेरी गांव से उदघाटन किया था। उदघाटन के दो दिन बाद 18 जुलाई को एक्सप्रेसवे में हुए पहले हादसे में खड़े ट्रक में पीछे से कंटेनर भिड़ने से हरियाणा के युवक की मौत हो गई थी। 20 जुलाई को खन्ना के समीप कार सवार दो लोग घायल हो गए थे। अब अन्ना मवेशी वाहनों की रफ्तार में बाधक बन गए हैं।
जिले से गुजरे एक्सप्रेस-वे में कस्बा खन्ना के पास से वाहनों के चढ़ने-उतरने के लिए रैंप बनाया गया है। अन्य सड़कों की तरह एक्सप्रेस-वे पर भी जगह-जगह मवेशियों के झुंड नजर आ रहे हैं। इससे लंबे रूट का सफर करने वाले वाहन चालक मवेशियों के झुंड से बचकर निकलते नजर आए। खन्ना से एक किलोमीटर आगे 50 से अधिक मवेशियों का झुंड घूमता रहा। इससे रात के समय वाहन चालकों के हादसे का शिकार होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे पर बेहद सावधानी से चलने की जरूरत है। गोशालाओं में उचित व्यवस्था न होने से मवेशी सड़कों पर घूम रहे हैं।