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Banda Boat Accident: 32 लोग अभी भी लापता, तीन शव बरामद, मृतकों के परिजनों को मिलेगी चार लाख की सहायता राशि

Sat, 13 Aug 2022 12:23 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा

सार

बांदा में यमुना नदी में पलट वाले हादसे में 32 लोग लापता बताए जा रहे हैं। 15 लोग तैरकर बाहर आ गए। वहीं, तीन शव बरामद हुए हैं। इस हादसे से प्रशासन की बाढ़ की तैयारियों की पोल खुल गई है। बता दें कि 50 लोगों से भरी नाव पलट गई थी, जिसमें तीन बाइक व छह साइकिलें भी रखीं थी।
 
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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के बांदा में केन और यमुना नदी के उफान पर होने के बावजूद प्रशासन सचेत नहीं हुआ। पिछले वर्षों नाव पलटने वाली घटनाओं से भी कोई सबक नहीं लिया। गोताखोरों की व्यवस्था भी नहीं की गई। गुरुवार को प्रशासन की लापरवाही भारी पड़ गई। 50 लोगों से भरी नाव पलट गई। इसमें तीन की मौत हो गई। 32 अभी भी लापता हैं। तीन शव बरामद किए हैं। नाव में तीन बाइकें और छह साइकिलें भी रखी थीं।

हालांकि प्रशासन 17 लोगों के लापता होने की बात स्वीकार कर रहा है। 15 लोग तैरकर बाहर आ गए। बता दें कि मई में डीएम ने बाढ़ की तैयारियों से संबंधित बैठक में निर्देश दिए थे। इसका भी कहीं पालन नहीं किया गया। नदी घाटों पर नाव व स्टीमर आदि व्यवस्था नहीं की गई और न ही जलस्तर बढ़ने पर कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया।
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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
पहले भी कई घटनाएं हो चुकीं
जनपद केन व यमुना नदी पार कर सैकड़ों लोग आते जाते हैं। 1995 में इसी मर्का क्षेत्र में यमुना नदी पर नाव पलटने से छह लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 2019 में खप्टियां में केन नदी में नाव पलटने से पांच लोग डूब गए थे, जिसमें नाविक सहित दो लोगों को बचा लिया गया था, तीन की मौत हो गई थी। इसके बाद भी नाव पलटने की कई छोटी छोटी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अफसरों ने कोई सबक नहीं लिया।
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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
जल शक्ति मंत्री व डीआईजी भी पहुंचे
जल शक्ति मंत्री रामकेश निषाद मर्का पहुंचे। अधिकारियों को निर्देश दिए कि लापता लोगों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। तीन लोगों की मौत पर दुख जताया। उधर, डीआईजी विपिन मिश्रा मर्का पहुंचे और गोताखोरों की संख्या बढ़ाने व एसडीआरएफ की टीम को लगाने के निर्देश दिए। कहा कि लापता लोगों की तलाश में कोई कोर कसर न छोड़ी जाए।

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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
भाइयों को राखी बांधने जा रही थीं बहनें
नाव पर ज्यादातर महिलाएं सवार थीं। रक्षाबंधन पर्व पर समगरा गांव से महिलाएं व लोग मर्का घाट पहुंचे थे। नाव पर तीन बाइक और छह साइकिलें रखी थीं। यमुना नदी में बीच धारा में पहुंचते ही नाव असंतुलित होकर पलट गई। जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। नाव में सवार लोगों के परिजन भी आ गए। अपनों के लापता होने की जानकारी मिलते कोहराम मच गया।  
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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
पलक झपकते ही नाव पानी में समा गई
नदी से तैरकर निकले रामकरन व सुनील ने बताया वह अपने गांव से पत्नी को लेकर ससुराल राखी बंधवाने के लिए जा रहे थे। जब हम नदी के किनारे पहुंचे, तो सिर्फ एक ही नाव थी। दोपहर करीब 3.10 बजे का समय था नदी पार जाने वालों की भीड़ ज्यादा थी। देखते देखते नाव में करीब 50 लोग सवार हो गए और तीन बाइकें व छह साइकिलें भी नाव पर रख दी गईं थीं।
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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
वहीं, बृजरानी और गीता देवी ने बताया कि बीच धारा में नाव पहुंचते ही डगमगाने लगी। इस बीच पलक झपकते ही नाव पानी में समा गई। बचकर निकले केपी यादव ने बताया कि वह अपनी बहन से राखी बंधवाने लखनऊ जा रहे थे, इसके लिए वह नाव पर सवार हुए। वह बीच धारा से बांस के सहारे नदी से बाहर आने में कामयाब हुए।
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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
ये लोग तैर कर निकले
समगरा निवासी गया प्रसाद (15), असोथर निवासी अजनेश (22), राजकरन (18), केपी यादव(35), राजकरन (23), दीपक (23), मर्का निवासी बाबू (21), मिर्जापुर गांव के सरोज का डेरा निवासी रामप्रतीक (18), दुर्गेश (22), बृजरानी(18) पत्नी रामकरन, शोभा (22) पत्नी पीतांबर, मर्का निवासी बृजकिशोर (28) व पत्नी गीता देवी (22), गुडवारिन निवासी किरन (21), मर्का निवासी शंकर दयाल (24) ने तैरकर जान बचा ली।

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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
200 मीटर की दूरी पर बरामद किए शव
गोताखोरों ने तीनों शव घटनास्थल से 200 मीटर की दूरी पर नदी किनारे से बरामद किए हैं। इसके अलावा 32 यात्री अभी लापता हैं। गोताखोरों को लापता लोगों की तलाश में लगाया गया है। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने बताया कि एसडीआरएफ की प्रयागराज व लखनऊ से टीमें बुलाई गई हैं।

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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
रातभर चला राहत और बचाव कार्य
रोशनी के लिए नदी घाट पर जनरेटर आदि रखवाए गए हैं। तीन एंबुलेंस बुला ली गई हैं। डॉक्टरों की टीम भी पहुंच गई है। एसपी ने बताया कि नाव में ज्यादातर महिलाएं सवार थी। इधर, सूचना मिलते ही पूर्व विधायक राजकरन कबीर, जिला पंचायत अध्यक्ष सुशील कुमार और विभिन्न राजनैतिक दलों के लोग पहुंच गए हैं। तमाम लोग लापता लोगों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

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पुल बन जाता तो बच जाती लोगों की जान
मर्का घाट पर लंबे अरसे से ग्रामीण पुल बनवाने की मांग कर रहे हैं। प्रधान प्रतिनिधि मुलायम सिंह यादव, सुरेश यादव, सुघर सिंह का कहना है कि बसपा सरकार के समय से यमुना नदी पर औगासी और मर्का में पुल पास हुए थे। इनका निर्माण कार्य चल रहा है। औगासी का पुल बन चुका है। वहीं, मर्का का पुल बजट आदि की वजह से अभी तक 70 फीसदी तक ही बन सका है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की उपेक्षा के चलते पुल का काम समय से पूरा नहीं हो पाया है। अगर पुल बन जाता तो लोगों की जान बच जाती।

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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
ये था दर्दनाक हादसा, तीन मौतों की हुई पुष्टि 
रक्षाबंधन पर भाइयों को राखी बांधने रहीं महिलाओं से भरी नाव यमुना नदी की बीच धारा में पलट गई। इसमें 32 लोग लापता बताए जा रहे हैं। 15 लोग तैरकर बाहर आ गए। वहीं, तीन शव बरामद हुए हैं।  गुरुवार को दोहपर 3:10 बजे 3.10 बजे मर्का थाना क्षेत्र के कस्बे से फतेहपुर के असोथर जा रही नाव का यमुना नदी के बीच धार में पहुंची तो पतवार टूट गई। इससे नाव डगमगाने लगी। इसी बीच कई यात्री नाव से कूद पड़े। इससे पलट कर नदी में डूब गई। नाव में 50 यात्री सवार थे।

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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
राहत और बचाव कार्य जारी, नाविक को घटनास्थल पर लाया गया
घटनास्थल पर 30 सदस्यीय एनडीआरएफ और एसटीआरएफ की टीम पहुंच चुकी है। एनडीआरएफ के सात बोट्स ने नदी में लापता लोगों की तलाश शुरू कर दी है। मौके पर क्षेत्राधिकारी सहित आला अधिकारी मौजूद है। साथ ही, पुलिस नाविक को लेकर मौके पर पहुंची है और उससे पूरा घटनाक्रम समझा जा रहा है। वहीं, एएनआई एजेंसी के मुताबिक 17 लापता लोगों की तलाश जारी है। 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने जताया दुख, प्रति मृतक 4 लाख रुपए की राहत राशि देने के निर्दश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने डीएम अनुराग पटेल, डीआईजी विपिन मिश्रा, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को तत्काल मौके पर जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दुर्घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी, डीआईजी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को तत्काल मौके पर जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, दो मंत्रियों रामकेश निषाद और राकेश सचान को घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मृतकों के परिजनों को  आपदा राहत कोष से प्रति मृतक 4 लाख रुपए की राहत राशि देने के भी निर्देश दिए हैं। 

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एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार - फोटो : अमर उजाला

यूपी के एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि बांदा जिले में गुरुवार को यमुना नदी में एक नाव के पलट जाने से 3 लोगों की मौत हो गई है, जबकि करीब 17 लोग अभी भी लापता हैं। 13 लोगों को बचा लिया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। क्षेत्र के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। हर व्यक्ति के मिल जाने तक तलाश जारी रहेगी।

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मंत्री राकेश सचान और राज्यमंत्री रामकेश निषाद - फोटो : अमर उजाला
मंत्री बोले-लापरवाही करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
मंत्री राकेश सचान और राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों को चार-चार लाख रुपये देने की घोषणा की। हमारी सरकार और पदाधिकारी आप लोगों का सहयोग में लगे हैं। प्रशासन मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। बाढ़ का बाहव ज्यादा होने के कारण दिक्कत हो रही है, किन लोगों की लापरवाही रही है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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