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Banda Boat Accident: हादसे में बचे लोगों का छलका दर्द, बोला- मर जइबे...पर जीवनभर नाव पलटै की घटना न भुलिहों

Sun, 14 Aug 2022 08:31 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा

सार

बांदा नाव हादसे में बचे लोग अभी तक भयानक मंजर भूल नहीं पाए हैं और छलकी आंखों से अपना दर्द बयां कर रहे हैं। बता दें कि हादसे में 17 लोग तैरकर निकल आये थे, जबकि अब तक 12 शव में मिल चुके हैं। प्रशासन की बात मानें, तो 18 अन्य लापता लोगों पर संस्पेंस बना हुआ है। 
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Banda Boat accident - फोटो : अमर उजाला
मर जइबे, पर जीवनभर यमुना नदी में नाव पलटै की घटना न भुलिहों। इन आंखन ने जो मंजर देखो, अबहु तक नींद नहीं आवत। 11 अगस्त को दोपहर यमुना नदी में नाव पलटने के बाद तैरकर सुरक्षित निकले मुड़वारा गांव के ब्रजकिशोर ने कुछ यूं बयां किया घटना का दर्द। रक्षाबंधन पर बहन से राखी बंधवाने के लिए उसे फतेहपुर जिले के असोथर गांव जाना था।

त्योहार होने से इस पार से उस पार जाने वालों की घाट में बहुत भीड़ थी। नाविक भी कमाई के चक्कर में ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैठाने में लगा था। क्षणभर में नाव खचाखच भर गई। कम से कम 50 लोग सवार होंगे। बाइक और साइकिलें अलग लाद ली थीं। बाढ़ से यमुना नदी उफान पर थी। हवाओं से लहरें बहुत तेज थीं। जलधारा के बीच पहुंचते ही नाव बहने लगी।

पलक झपकते ही पलट गई। सभी सवार तेज धारा में गिरकर बहने लगे। कई नाव सवार लोगों के ऊपर गिरे तो कुछ बचने की कोशिश में एक-दूसरे को पकड़ लिया और गहरे पानी में समाते चले गए। यह दर्दनाक हादसा वह जिंदगी भर नहीं भूल सकेगा। ब्रजकिशोर के अलावा फतेहपुर के करन यादव के मुख से भी यही दर्द छलका।
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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
मन में एक ही सोंच थी, बस नदी से बाहर निकलें
मर्का गांव के दुर्गेश निषाद और फतेहपुर जिले के प्रेममऊ कटरा गांव निवासी केपी यादव ने बताया कि तेज धारा में नाव पलटते ही सभी अपनी जान बचाने में जुटे थे। अच्छा तैरने वाले भी बचाने के लिए उनके पास नहीं जा रहे थे। बस, सभी के मन में एक ही सोंच थी कि किसी तरह तैरकर नदी से बाहर निकलें।
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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि नदी पार करने में इतना थक गए थे कि किनारे पहुंचते-पहुंचते हाथ-पैर नहीं चल रहे थे। लेकिन सामने मौत देखकर किसी तरह बाहर निकल आए। उन्हें मलाल है कि अपनी जान के सामने दूसरे का ध्यान नहीं दिया। इसका पछतावा जिंदगीभर रहेगा।

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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
12 शव मिले, 17 बचे, तीन अभी भी लापता
बांदा नाव हादसे में जिला प्रशासन ने कुल 32 लोगों के सवार होने की बात कहीं है, वहीं प्रत्यक्ष-दर्शियों की मानें तो हादसे के समय नाव पर यात्रा के दौरान 50 लोगों से किराया वसूल किया गया था। इसके अलावा नाव पर तीन बाइक व छह साइकिलें भी रखी थीं। इनमें 17 लोग तैरकर निकल आये थे, जबकि अब तक 12 शव में मिल चुके हैं। प्रशासन की बात मानें तो 18 अन्य लापता लोगों पर संस्पेंस बना हुआ है। 
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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
नाव हादसे में जान बचाकर निकले बृज किशोर, संगीता, महेंद्र, पिंटू और करन का कहना है कि हादसे के दौरान नाव करीब 50 लोग सवार थे, जिनसे किराया वसूला गया था। इसके अलावा नाव पर तीन बाइक और छह साइकिलें भी रखी थी। वहीं डीएम अनुराग पटेल ने बताया गया कि नाव में संभावित कुल 32 लोग सवार थे।
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Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
अब तक 12 लोगों के शव मिले। इनमें छह महिलाएं, चार पुरुष और एक बच्चा शामिल है। यमुना नदी में डूबने से कुल 17 लोगों को बचाया गया। इनमें 14 पुरुष और तीन महिलाएं थीं। अभी तीन (दो महिला व एक पुरुष) लापता बताए गए हैं। इनकी खोज एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम द्वारा लगातार जारी है। हालांकि रविवार को कोई लापता हाथ नहीं लगा।
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