राम मंदिर की प्रस्तावित तस्वीर
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प्रमाणिक बातों पर ही विश्वास करते थे लाल
बुंदेली इतिहासकार मुकुंद मेहरोत्रा ने बताया कि डॉ. बीबी लाल से सालों पहले दिल्ली में मिलना हुआ था। मैं झांसी का रहने वाला हूं, इस नाते से उन्होंने मुझे खासी तवज्जो दी थी। उनसे बुंदेलखंड के इतिहास पर चर्चा हुई थी। वे प्रमाणिक बातों पर ही विश्वास करते थे। साथ ही सुनी हुई बातों की प्रमाणिकता तलाशने के लिए प्रेरित करते थे। रानी झांसी व मेजर ध्यानचंद की तरह ही झांसी में डॉ. लाल को याद किया जाना चाहिए। राम मंदिर, रामायण, महाभारत के उनके शोधों को लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए।