वाराणसी के सारनाथ स्थित पैगंबरपुर में अवैध पटाखा फैक्टरी में धमाके से तीन मंजिला मकान ढह गया। हादसे में मां 85 फीसदी झुलस गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल है। दस साल की बच्ची समेत छह अन्य मकान भी क्षतिग्रस्त हुए। घनी आबादी के बीच छह फीट चौड़े रास्ते पर चल रही फैक्टरी की जांच के लिए एटीएस, आईबी और बम निरोधक दस्ता पहुंचा। चौकी प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मी निलंबित किए गए।
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माैके पर एटीएस और एनडीआरएफ की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
सारनाथ के पैगंबरपुर में पटाखा बनाने के दौरान हुए विस्फोट ने आसपास के लोगों को दहशत में डाल दिया। धमाका इतना तेज था कि तीन मंजिला मकान देखते ही देखते धराशायी हो गया। विस्फोट के बाद करीब आधे घंटे तक इलाके में धूल का गुबार उठता रहा। 400 मीटर तक धमाके की आवाज सुनी गई।
धमाके का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है। आसपास के मकानों के शीशे टूट गए, जबकि कई घरों के दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गए। टूटे शीशों की चपेट में आने से पड़ोस के लोगों को मामूली चोटें आईं। अजय केसरी, जानकी देवी, महेश गुप्ता, सुमन केसरी और रामपोस मौर्य है। धमाके के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और अपनों की सलामती जानने में जुट गए। कुछ मकानों की दीवारों में दरारें आने से लोगों में भय व्याप्त हो गया।
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बगल के मकान भी हुए क्षतिग्रस्त।
- फोटो : अमर उजाला
अचानक हुए इस हादसे ने आसपास रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए। पड़ोसियों ने बताया कि पटाखा बनाने की पूरी जानकारी पुलिस चौकी को थी। शिकायत पर पुलिस आती और खानापूर्ति कर लौट जाती थी। इसके बाद राजू खान पड़ोसियों को धमकाता था। कहता कि तुम्ही लोग पुलिस से शिकायत करते हो। दीपावली समेत अन्य पर्व को लेकर राजू खान ने पटाखा बनाने का बड़ी खेप जुटाई थी। दिन और रात दो शिफ्ट में काम होता था। तीन साल पहले राजू खान के घर पुलिस ने छापेमारी की थी। खबर थी कि पांच लाख का माल पकड़ा गया था लेकिन इसका खुलासा नहीं हुआ। वहीं दूसरी ओर घटना से सहमे लोगों का हाल चाल जानने के लिए भाजपा नेता सोमनाथ विश्वकर्मा समेत अन्य लोग पहुंचे।
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अपनी बेटी के साथ घायल महिला।
- फोटो : अमर उजाला
10 साल पहले पितरकुंडा में भी हुआ था भीषण विस्फोट
पैगंबरपुर में पटाखा विस्फोट की घटना ने दस साल पहले अक्तूबर में हुए हादसे की यादें ताजा कर दीं। पितरकुंडा में में पटाखा विस्फोट में छह लोगों की जान चली गई थी। हादसे में सरफराज, आमना, उसकी बेटी जेबा, शबा और 13 साल की बच्ची निम्मो उर्फ शीबा की मौत हो गई थी। इसके बावजूद पटाखा बनाने और उसके भंडारण पर पुलिस की कार्रवाई ना के बराबर है। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा रही कि आखिर ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए।
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सुरक्षा व्यवस्था संभालती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
मलबा हटाने में लगा 5 घंटे का समय
हादसे के बाद दमकल, एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। स्थानीय लोगों को आशंका थी कि हादसे में राजू खान और उसकी मां साथ ही छोटी बेटी भी दबी है। ऐसे में बचाव कार्य को युद्धस्तर पर किया गया। हादसे में केवल राजू की पत्नी उसका बेटा और बेटी ही घायल हुए। मामले की जांच में एटीएस भी जुट गई है। पूर्व के मामलों को एजेंसियां खंगालने में जुटी है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि राजू खान कब से यहां पटाखा बना रहा था। माल कब और कहां से आता था।
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मलबा हटाने में लगे पांच घंटे।
- फोटो : अमर उजाला
100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने राहत बचाव कार्य का संभाला मोर्चा
सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर में बृहस्पतिवार को अवैध पटाखा बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट में तीन मंजिला मकान भरभराकर ढह गया। धमाके की चपेट में आने से मकान में मौजूद चांदनी बेगम (35) और बेटा आदिल खान (14) गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि दस साल की बच्ची अरफिया भी घायल हुई है। तीनों को पुलिस ने मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। मां और बेटे की हालत गंभीर है। मां करीब 85 फीसदी झुलस गई है जबकि बेटे के सिर में गंभीर चोट आई है।
विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के छह अन्य मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। कई घरों के शीशे और दरवाजे टूट गए, जबकि कुछ इमारतों में दरारें आ गईं। अचानक हुए विस्फोट से दहशत में आए लोग अपने-अपने घर छोड़कर बाहर निकल आए।
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मची अफरातफरी
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मंडलीय अस्पताल में घायल बालक।
- फोटो : अमर उजाला
घटना की गंभीरता को देखते हुए एटीएस, आईबी और बम निरोधक दस्ते के साथ दमकल, एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने राहत और बचाव कार्य संभाला। दमकल की छह गाड़ियां और चार एंबुलेंस तैनात की गईं। पुलिस ने आसपास के मकानों को खाली कराकर मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका में तलाशी अभियान चलाया।
पैगंबरपुर स्थित जिस मकान में विस्फोट हुआ वह राजू खान का है। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर पटाखे बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक धमाका हुआ और पूरी इमारत ढह गई। मकान के धराशायी होने के साथ ही धूल और धुएं का गुबार उठने लगा। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, विस्फोट के समय राजू खान की पत्नी चांदनी बेगम, बेटा आदिल खान और बेटी अरफिया मकान में मौजूद थी। हादसे के समय राजू खान, उसकी मां मुन्नी और दूसरा बेटा घर में नहीं थे। विस्फोट के बाद राजू खान के भागने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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घायलाें का हाल जानती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
मुन्नी ब्रांड से बाजार में बेचता था पटाखे, घर के लोग ही बनाते थे पटाखा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राजू खान बिना लाइसेंस पटाखे बनाने का काम कर रहा था। इस काम में बाहरी लोगों के बजाय उसके परिवार के सदस्य ही लगे थे। तैयार पटाखों को वह अपनी मां मुन्नी के नाम से बने ब्रांड के तहत बाजार में बेचता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मकान में कितनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी थी और पटाखे बनाने का काम कब से चल रहा था। तैयार माल की आपूर्ति कहां-कहां की जाती थी, इसकी भी जांच की जा रही है।
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बगल का मकान भी हुआ क्षतिग्रस्त।
- फोटो : अमर उजाला
2020 में भी पकड़ा जा चुका है आरोपी, 15 साल से बना रहा था पटाखा
पुलिस के मुताबिक, राजू खान इससे पहले भी अवैध पटाखा निर्माण के मामले में जेल जा चुका है। साल 2020 में कोरोना काल के दौरान पुलिस ने उसे पकड़ा था। कुछ महीने जेल में रहने के बाद वह बाहर आया और फिर से पटाखे बनाने का काम करने लगा। अब ताजा विस्फोट के बाद उसके पुराने मामले और मौजूदा गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। पूरे घटनाक्रम की जांच एडिशनल पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) शिवहरी मीणा की निगरानी में की जा रही है। पुलिस विस्फोट के कारणों, अवैध पटाखा निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और आरोपी की भूमिका से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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माैके पर पुलिस और भीड़।
- फोटो : संवाद
छह फीट की गली में घनी आबादी
जिस जगह हादसा हुआ वह पंचक्रोशी चौराहे से महज 200 मीटर अंदर है। रास्ता भी महज छह फीट का है और आसपास घनी आबादी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर धमाके के बाद आग लग जाती तो दमकल के वाहन वहां तक पहुंच नहीं पाते। लोगों का आरोप ये भी है कि शिकायत करने पर राजू खान उन्हें धमकाता था। कई बार पुलिस ने उसे समझाया था। डर की वजह से कोई शिकायत नहीं करता था। एक अन्य मामले में वह हाल ही में जेल गया था। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद राजू खान यह कहते हुए भागा की सिलिंडर में धमाका हुआ है।
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अस्पताल में घायल महिला।
- फोटो : अमर उजाला
पिता की मौत भी पटाखा बनाते समय हुई थी
40 साल पहले राजू खान के पिता मतिउल्लाह की मौत भी पटाखा बनाने के दौरान झुलसने से हुई थी। तब उसका परिवार जैतपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत जलालीपुरा में रहता था। हादसे में पिता की मौत के बाद राजू अपने भाई सलीम खान के साथ 25 साल पहले पैगंबरपुर में आ गया। यहां दोनों भाइयों ने मिलकर एक बिस्वा जमीन ली। आधे-आधे बिस्वा में दोनों ने मकान बनवाया। आसपास के लोगों की मानें तो सलीम भी पटाखे बनाने का काम करता है। थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि स्थानीय लोगों के आरोपों की जांच की जा रही है।
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यह मकान भी हुआ क्षतिग्रस्त।
- फोटो : अमर उजाला
पिछले हुए हादसे
अक्तूबर 2018 में लहरतारा स्थित एक घर के अंदर पटाखों में विस्फोट से शकील (27), मेवालाल गुप्ता (58) और विधि (10 माह) की मौत हुई थी।
25 अक्तूबर 2016 को पितरकुंडा में अवैध तरीके से पटाखा बनाने के दौरान हुए धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी।
वर्ष 2009 में लोहता थाना के अलावल में पटाखा बनाने के दौरान पिता-पुत्र की मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।
सितंबर 2026 में कपसेठी बाजार में पटाखों में विस्फोट से पांच साल के बच्चे कार्तिक जायसवाल की मौत हुई थी।
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माैके पर सुरक्षाकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
पटाखा विस्फोट मामले में चौकी प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मी निलंबित
सारनाथ थाना क्षेत्र में पटाखा बनाते समय हुए विस्फोट के मामले में पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन राजेश पांडेय ने कार्रवाई करते हुए पुराना पुल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अनुज शुक्ला और संबंधित बीट के आरक्षी प्रकाशचंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस विभाग ने घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। विभागीय स्तर पर मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में विभागीय जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार अग्रिम कदम उठाए जाएंगे।
पटाखा बनाते समय हुए विस्फोट के मामले में सारनाथ थाने के पुराना पुल चौकी प्रभारी अनुज शुक्ला और बीट के सिपाही प्रकाशचंद्र यादव को कार्य में लापरवाही और शिथिलता बरतने पर निलंबित किया गया है। पटाखा बनाने का काम कब से चल रहा था, इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद प्राथमिकी भी दर्ज होगी। - राजेश पांडेय, डीसीपी वरुणा