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Exclusive: अब कहां है निर्भया का दोस्त? जो वारदात के वक्त मौके पर था, क्या कहते हैं पिता?

Sat, 21 Dec 2019 10:43 AM IST
विजय जैन शिवम सिंह/ अमर उजाला, गोरखपुर
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निर्भया के साथ मौके पर मौजूद दोस्त अवनींद्र - फोटो : file
हैदराबाद कांड और उन्नाव रेप केस के बाद जहां एक और निर्भया गैंगरेप के दोषियों को फांसी की मांग ने जोर पकड़ा, वहीं, निर्भया के साथ हुई वारदात के दौरान निर्भया के साथ मौके पर मौजूद दोस्त अवनींद्र अभी कहां है? इसके बारे में गोरखपुर में रहते उसके परिवार वाले किसी को कुछ बताना नहीं चाहते। हालांकि उनके घर पहुंचे अमर उजाला संवाददाता को वे मना नहीं कर पाए बार-बार पूछने पर उन्होंने बता ही दिया कि अब अवनींद्र कहां है और क्या कर रहा है, उसने बेटे की इच्छा भी बताई।

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nirbhaya friend avanindra - फोटो : अमर उजाला
दरिंदों का सामना करने वाले अवनींद्र आज गुमनामी का जीवन जीने को मजबूर हैं। निर्भया के साथ मुश्किल के इस वक्त में हमलावरों का सामना करने वाले अवनींद्र के बारे में आज किसी को भी कोई जानकारी नहीं है।

16 दिसंबर की घटना के बाद कई दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद अवनींद्र अब किसी गुमनाम स्थान पर रहते हैं। परिवार गोरखपुर में रहता है। अवनींद्र के घर के लोग नहीं चाहते कि उनके बेटे के बारे में किसी को भी कोई जानकारी दी जाए।
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nirbhaya friend avanindra - फोटो : अमर उजाला
निर्भया कांड पर जब अमर उजाला की टीम गोरखपुर के तुर्कमानपुर स्थित अवनींद्र के घर उनके बारे में जानने पहुंची तो वहां उनके पिता भानु प्रताप पांडेय मौजूद मिले। गोरखपुर के नामी वकीलों में एक कहे जाने वाले भानु प्रताप से शुरुआती बातचीत के बाद जब 16 दिसंबर की उस वारदात पर बातचीत शुरू हुई तो वह भावुक हो गये। भानु प्रताप पांडेय ने कहा कि इस घटना को सात साल हो गये हैं। अब तो उनका बेटा दूसरी जिंदगी जी रहा है।

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निर्भया का दोस्त अवनिन्द्र - फोटो : अमर उजाला
अवनींद्र से इस हादसे के बाद इतने सवाल पूछे गए कि वह इससे आगे नहीं बढ़ पा रहा था। इसलिए ये तय था कि अगर अवनींद्र दिल्ली या गोरखपुर रहता तो अपनी आने जिंदगी के लिए कुछ भी बेहतर नहीं कर सकता था, पर अब ऐसा नहीं है।

अवनींद्र महाराष्ट्र के पुणे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, इन दिनों प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर के पद पर विदेश में कार्यरत है। निर्भया के दोषियों को सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा बरकरार रही उसकी हमेशा इच्छा रही है। 
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अवनींद्र आज गुमनामी का जीवन जीने को मजबूर - फोटो : file
निर्भया के बारे में अवनींद्र का कहना था कि, ‘हर पल एक दर्द सताता है कि दोस्ती अधूरी रह गई। दोस्त का हर पल साथ देने का वादा टूट गया। काश, मैं उसे बचा पाता। कहीं न कहीं दिल में हर पल अपराध बोध होता है कि राजधानी पहले जागी होती तो वो हमारे बीच होती।’

अवनींद्र का मानना है, ‘इंसाफ मिला, पर अधूरा। हालांकि एक सुकून है कि कम से कम उसके बहाने ही सही देश के कानून में कुछ बदलाव व जनता में जागरूकता तो आई, लेकिन महज 5 से 10 फीसदी ही बदलाव आया है।
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