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मातम में बदलीं खुशियां: हादसे में बिजनौर के चार लोगों की मौत, परिवारों में मचा कोहराम, रुला देंगी ये तस्वीरें

Wed, 05 Oct 2022 09:32 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
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पौड़ी बस हादसे के बाद दूल्हे के घर में मातम - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के सिमड़ी में बस दुर्घटना में बिजनौर के भी चार लोगों की मौत हुई है। गरीब और मजदूर पेशा परिवार के ये लोग बैंड बजाने का काम करते थे। हादसा इनके परिवार पर कहर बनकर टूटा है। परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

मृतकों में मंडावली निवासी इश्तियाक उर्फ गुड्डू (35) पुत्र मुस्ताक, औरंगपुर भिक्कू निवासी इलियास पुत्र रईसू (50), मिर्जापुर सैद निवासी अनीस पुत्र सुक्खे (50), जालपुर निवासी विशाल पुत्र बाबूराम (22) शामिल हैं। मंडावली निवासी शादान पुत्र मुस्ताक (17) और निखिल (16) पुत्र मामराज गंभीर रूप से घायल हैं।
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पौड़ी में बरातियों से भरी बस खाई में गिरी - फोटो : अमर उजाला
शाहबुद्दीन ठेकेदार ने बताया कि लालढांग में मंडावली निवासी इश्तियाक की बैंड बाजे की दुकान है। इश्तियाक मंडावली से पांच और लोगों को बरात में बैंड बाजा बजाने के लिए मजदूरी पर ले गया था।
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घटनास्थल पर लोग - फोटो : अमर उजाला
जिला हरिद्वार के लालढांग क्षेत्र से पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक के गांव कांडा मल्ला में मंगलवार देर शाम बरात जा रही थी। बरातियों से भरी बस गांव सिमड़ी के पास नयार नदी की घाटी में जा गिरी। उत्तराखंड पुलिस की सूचना पर मृतक इश्तियाक के परिजनों के साथ शाहबुद्दीन ठेकेदार रिखणीखाल पहुंच गए हैं। रिखणीखाल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपे जाएंगे।

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घटनास्थल पर लोग - फोटो : अमर उजाला
32 सीटर बस में सवार थे 52 बराती
उत्तराखंड में ओवरलोडिंग एक बार फिर बड़े हादसे का सबब बन गई। सिमड़ी में हादसे की शिकार हुई जीएमओयू की 32 सीटर बस में 52 बराती सवार थे। लालढांग से कोटद्वार, रिखणीखाल होते हुए सिमड़ी तक पहुंची बस को कहीं भी पुलिस और परिवहन विभाग ने नहीं रोका। हादसे में बस के मालिक और चालक दिनेश सिंह गुसाईं की भी मौत हो गई।
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पौड़ी बस हादसे के बाद दूल्हे के घर में मातम - फोटो : अमर उजाला
नहीं था अंदेशा कि घर तक नहीं पहुंचेगी बरात
बीरोंखाल ब्लॉक के कांडा मल्ला गांव की बेटी रचना के घर पर मंगलवार सुबह से शादी की चहल पहल थी। दुल्हन रचना को यह नहीं मालूम था कि उसके घर आने वाले बरातियों के साथ यह हादसा हो जाएगा और उसके घर तक बरात नहीं पहुंच पाएगी। 
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पौड़ी बस हादसे के बाद दूल्हे के घर में मातम - फोटो : अमर उजाला
ग्राम प्रधान जितेंद्र पटवाल ने बताया कि मंगलवार शाम सात बजे कांडा मल्ला गांव में बरात के स्वागत की तैयारियां जोरों पर थीं। बरातियों के स्वागत के लिए गांव के बाहर गेट और दुल्हन के घर को लड़ियों से सजाया गया था। हलवाई पकवान बनाने में व्यस्त थे। अपने कमरे में रचना शादी का जोड़ा पहनकर सजी खड़ी थी। तभी एक व्यक्ति के फोन परगांव से 500 मीटर पहले बरात की बस के खाई में गिरने की मनहूस खबर मिली। दूल्हे के परिजनों और अन्य बरातियों की मौत की सूचना ने माहौल गमगीन कर दिया। दुल्हन देर रात तक दूल्हे का इंतजार करती रही लेकिन हालात ऐसे हो गए कि दूल्हा दुल्हन के गांव तक नहीं पहुंच सका। 
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पौड़ी बस हादसे के बाद दूल्हे के घर में मातम - फोटो : अमर उजाला
एसडीआरएफ की यूनिट खुलती तो समय से हो सकता था राहत-बचाव का कार्य
धुमाकोट बस हादसे के बाद यदि प्रशासन ने सबक लेकर एसडीआरएफ की यूनिट बीरोंखाल क्षेत्र में खोल दी होती तो मंगलवार रात को बीरोंखाल में हुए बस हादसे में कई और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। एक जुलाई, 2018 को धुमाकोट के पीपली में हुए बस हादसे में 48 लोगों की मौत हो गई थी। तब भी कई घंटे बाद जिला मुख्यालय से टीम पहुंची थी। लोग तभी से क्षेत्र में एसडीआरएफ की यूनिट खोलने की मांग करते आ रहे थे, जिससे आपदा की स्थिति में जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्य हो सके।
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