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BIJNOR: प्रकृति प्रेमी हैं तो चले आइए अमानगढ़ जंगल सफारी, रोमांचित कर देगी यहां की खूबसूरती

Wed, 16 Nov 2022 04:16 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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अमानगढ़। - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में अमानगढ़ जंगल सफारी को शुरू किए जाने का पिछले एक दशक से चला आ रहा इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया। अमानगढ़ में जंगल सफारी के लिए पर्यटन सत्र का शुभारंभ कर दिया गया। इससे पहले केहरीपुर चौकी पर हवन कराया गया। इसके बाद पर्यटकों के लिए आई जिप्सी को जंगल में प्रवेश दिया गया। 

मंगलवार को प्रदेश के दुधवा, पीलीभीत, कतर्नियाघाट के साथ अमानगढ़ में भी पर्यटन सत्र का शुभारंभ किया गया तो पर्यटकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यह पहला मौका है जब अमानगढ़ पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। इस मौके पर वन विभाग के वन संरक्षक रमेश चंद्रा, डीएफओ डॉ.अनिल पटेल, एसडीओ ज्ञान समेत तमाम अफसर कार्यक्रम में आए।

विधायक सुशांत सिंह ने हरी झंडी दिखाकर पर्यटकों के लिए आई जिप्सी को जंगल सफारी के लिए रवाना किया। इस मौके पर अफसरों और विधायक ने अमानगढ़ में जंगल सफारी भी की। विधायक सुशांत सिंह ने कहा कि इससे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। डीएफओ डॉ.अनिल पटेल ने कहा कि अमानगढ़ प्रदेश का सबसे बड़ा तीसरा टाइगर रिजर्व है। 2012 में अमानगढ़ को बाघ आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था।  
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अमानगढ़। - फोटो : amar ujala
रात में जंगल में घूमे तो करनी पड़ सकती है जेल की सफारी
अमानगढ़ में जंगल सफारी में पर्यटन के लिए केवल दिन में ही अनुमति दी गई है। रात में जंगल में रुकने पर पाबंदी है। वहीं सूर्यास्त के बाद जंगल में रुकने और घूमने वालों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके लिए केहरीपुर चौकी पर समय सारिणी भी चस्पा कर दी गई है। 
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अमानगढ़। - फोटो : amar ujala
दो सत्र में  जंगल सफारी में घूम सकेंगे पर्यटक
वन विभाग अमानगढ़ में पर्यटन के साथ-साथ वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए भी कड़े नियम बना रहा है। वन्य जीवों को परेशानी और नुकसान न हो, इसके लिए पर्यटन केवल दिन के समय ही निर्धारित किया है। नवंबर से मार्च तक शीतकालीन और अप्रैल से जून तक ग्रीष्मकालीन दो भागों में समय को बांटा गया है।
 
शीतकालीन सत्र में सुबह साढ़े छह से सुबह दस बजे तक, दूसरी शिफ्ट में दोपहर दो से सूर्यास्त तक ही जंगल में घूमने की अनुमति होगी। इसी तरह ग्रीष्मकालीन सत्र में सुबह छह से साढ़े नौ बजे तक, दोपहर तीन बजे से सूर्यास्त तक पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। 

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अमानगढ़ में हाथी, Elephant - फोटो : अमर उजाला
पर्यटकों को फॉलो करने होंगे नियम
एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने बताया कि पर्यटकों को इन नियमों को पता रहे, इसके लिए पूरी सूचना चस्पा कराई गई है। यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही रात में यदि कोई घूमता है या जंगल में रुकने का प्रयास करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। 
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अमानगढ़ का दौरा करती टीम - फोटो : amar ujala
विदेशी पर्यटकों से दोगुना वसूला जाएगा शुल्क
अमानगढ़ में पर्यटन शुुरू करने के लिए जो रेट लिस्ट लगाई गई है, उसमें विदेशियों से दोगुना प्रवेश शुल्क वसूलने का नियम बनाया गया है। केहरीपुर जंगल इको विकास समिति द्वारा जो जिप्सी संचालित की जा रही है, इसके लिए पर्यटकों को 2280 रुपये चुकाने होंगे। वहीं यदि कोई पर्यटक वाहन के साथ प्रवेश करता है तो प्रत्येकसे 300 रुपये प्रति वाहन और 100 रुपये प्रति व्यक्ति वसूले जाएंगे। विदेशी नागरिक के लिए प्रति व्यक्ति 600 रुपये लिए जाएंगे। गाइड के 400 रुपये चुकाने होंगे। 
 
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अमानगढ़। - फोटो : amar ujala
जारी किया पर्यटन का लोगो
वन विभाग ने अमानगढ़ में जंगल सफारी का लोगों भी जारी कर दिया है। लोगो में बाघ और हाथी को जगह दी गई है। इसके साथ ही केहरीपुर चौकी पर ही पूरे अमानगढ़ का मानचित्र और वहां मौजूद वन्य व वनस्पति संपदा की जानकारी भी दी गई है। इसका मकसद पर्यटकों को अमानगढ़ के प्रति उत्साह बढ़ाना है। 
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अमानगढ़, बिजनौर। - फोटो : amar ujala
निजी वाहनों को नहीं दिया प्रवेश
अमानगढ़ में जंगल सफारी का शुभारंभ हुआ तो वहां रजिस्टर्ड जिप्सी के साथ अफसर और नेता पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में निजी वाहन से भी लोग अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे। वन अफसरों ने निजी वाहनों को जंगल में प्रवेश नहीं दिया। केवल रजिस्टर्ड जिप्सी से ही जंगल सफारी कराई गई।
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