भदोही अग्निकांड
- फोटो : amar ujala
कल तक जहां भव्य पूजा पंडाल था, वहां सोमवार को सिर्फ उजड़ा ढ़ांचा नजर आ रहा था। कल जिस पंडाल में लोग मां की महिमा का प्रसंग देख रहे थे, वहां आज एक मातमी सन्नाटा पसरा था। बिखरे सामान, जले अवशेष और राख हो चुकीं पंडाल की अस्थाई दीवारें देख लोग सिहरन से भर उठे। आग की लपटों के बीच बीती रात की भगदड़ के बाद कहीं बच्चे का चश्मा तो कहीं किसी महिला का पर्स गिरा पड़ा था। कहीं स्मार्टवॉच तो कहीं प्रसाद की टोकरी पड़ी थी। बिखरे जूते-चप्पल मानो कह रहे हों कि जो हुआ, बहुत बुरा हुआ। घटना के बाद पंडाल के पास फोर्स की तैनाती भी की गई है। सोमवार को जिले भर से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे। सभी वहां की स्थिति देख अवाक रह गए। हर कोई पुलिस-प्रशासन से लेकर आयोजन समिति को कोसता रहा। उनका कहना था कि अगर व्यवस्था ठीक रहती तो इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती।