पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में स्थित बाबा इकोहत्तरनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि, पूर्णिमा, अमावस्या के अलावा सावन के महीने में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ रहती है। मान्यता है कि इस मंदिर का प्राचीन और दुर्लभ शिवलिंग दिन में कई बार रंग बदलता है। यहां भगवान इंद्र स्वयं पूजा करने आते हैं। सुबह जब मंदिर के पट खुलते हैं, तो शिवलिंग पर ताजे फूल चढ़े मिलते हैं।
पूरनपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर सिरसा जंगल में गोमती नदी के तट पर बना एकोहत्तरनाथ मंदिर में क्षेत्र के अलावा दूर-दराज से लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। जन श्रुतियों के अनुसार जब देवराज इंद्र को गौतम ऋषि ने शरीर के एक हजार टुकड़े होने का श्राप दिया था, तब मोक्ष का उपाय पूछने पर एक हजार शिवलिंग की स्थापना करने के लिए उनसे कहा गया। तब इंद्रदेव ने विभिन्न स्थानों पर शिवलिंग की स्थापना के साथ सिरसा जंगल में एक स्थान पर बचे शिवलिंगों को स्थापित कर दिया। यहां मनौती पूरी होने पर घंटा चढ़ाने और हैंडपंप लगवाने की परंपरा है।