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LLB छात्रों पर लाठी चार्ज: पूरे जिले में अलर्ट घोषित; कमिश्नर-आईजी करेंगे जांच, अखिलेश बोले- सरकार की नाकामी

Tue, 02 Sep 2025 12:40 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी

सार

बाराबंकी में रामस्वरूप यूनिवर्सिटी के एलएलबी छात्रों पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। मामले ने तूल पकड़ा तो पूरे जिले में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मामले की जांच कमिश्नर-आईजी को सौंपी गई है। अखिलेश ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि ये सरकार की नाकामी है। 
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LLB छात्रों पर लाठी चार्ज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यूपी के बाराबंकी में रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में बिना मान्यता पढ़ाई कराने का विरोध कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और छात्राओं पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां भांजी। अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विद्यार्थी परिषद के साथ भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी पुलिस की बर्बरता के विरोध में उतर आए हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ी नाराजगी जताई है। सीएम की सख्ती के बाद सीओ सिटी हर्षित चौहान, कोतवाल आरके राणा और चौकी इंचार्ज को हटा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने यूनिवर्सिटी की मान्यता की जांच की जिम्मेदारी अयोध्या मंडलायुक्त को सौंपी है। जबकि, छात्रों पर हुए लाठी चार्ज की जांच आईजी प्रवीण कुमार करेंगे। घटना के बाद पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रामस्वरूप यूनिवर्सिटी परिसर में सुबह से ही एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और भारी पुलिस बल तैनात है। फिलहाल वहां पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
 
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यूनिवर्सिटी में तैनात पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छात्रों का आरोप है कि रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में बार काउंसिल ऑफ इंडिया की मान्यता के बिना लॉ डिपार्टमेंट संचालित किया जा रहा है। छात्रों का यह भी कहना है कि मामूली फीस बकाया (100 रुपये तक) पर भी उनसे पांच हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जाता है।

पूरा घटनाक्रम एक नजर में...

29 अगस्त
छात्रों ने बिना मान्यता पढ़ाई को लेकर कॉलेज परिसर में हंगामा किया। आंदोलन की चेतावनी दी। मौके पर कोतवाल तक नहीं पहुंचे।

1 सितंबर, सुबह 
छात्राओं ने फीस वापसी या मान्यता को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दो छात्रों को निलंबित कर दिया।
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यूनिवर्सिटी में तैनात पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
1 सितंबर, दोपहर
निलंबन से आक्रोशित छात्र और विद्यार्थी परिषद के प्रांत संगठन मंत्री पुष्पेंद्र सहित कई पदाधिकारी यूनिवर्सिटी पहुंचे। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने निजी लोगों से छात्रों पर हमला कराया। इससे स्थिति बेकाबू हो गई।

1 सितंबर, करीब 3 बजे
सीओ सिटी मौके पर पहुंचे और वार्ता की। लेकिन, समाधान नहीं निकल सका। इस बीच आक्रोश बढ़ा तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज कर दिया।

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LLB छात्रों पर लाठी चार्ज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
1 सितंबर, शाम 
कई छात्रों को पुलिस चौकी ले जाया गया। गुस्साए छात्रों ने चौकी पहुंचकर तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।

1 सितंबर, देर शाम
लाठी चार्ज में प्रांत संगठन मंत्री पुष्पेंद्र समेत 20 से अधिक कार्यकर्ता घायल हुए। सभी को एंबुलेंस से मेयो मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। रात करीब 9 बजे घायलों को जिला अस्पताल शिफ्ट किया गया। वहां राज्यमंत्री सतीश शर्मा, पूर्व सांसद उपेंद्र रावत और अन्य नेता पहुंच गए।
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LLB छात्रों पर लाठी चार्ज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
2 सितंबर, सुबह
मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लिया। सीओ सिटी, कोतवाल और चौकी इंचार्ज को हटा दिया गया। कमिश्नर अयोध्या को मान्यता की और आईजी प्रवीण कुमार को लाठी चार्ज की जांच सौंपी गई।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala

अखिलेश यादव बोले- सरकार की नाकामी

पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पुलिस द्वारा छात्र को पीटने का वीडियो एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि यह लाठी चार्ज सरकार की नाकामी और हताशा का प्रतीक है।
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