बहराइच के तराई में आतंक और खौफ का पर्याय बने करीब चार साल की एक मादा भेड़िया को पकड़ने में वन विभाग को फिर कामयाबी मिली है। पकड़े गए भेड़िये का हाव-भाव व उसके सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो इस बात का इशारा कर रहे हैं कि वह काफी खूंखार है और लगातार शिकार की तलाश में थी। हालांकि पुलिस, प्रशासन व वन विभाग की सक्रियता से यह किसी अगले मासूम को अपना निवाला नहीं बना सकी। पांचवें भेड़िये को पकड़ने के बाद भले ही सरकारी अमला राहत महसूस कर रहा हो लेकिन ग्रामीणों में अभी भी इसका खौफ कम नहीं हो पा रहा है।
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Wolf Attack
- फोटो : अमर उजाला
मुंह और जुबान पर दिखा खून
वन विभाग ने ग्रामीणों की मदद से जिस पांचवें मादा भेड़िये को पकड़ा है उसके मुंह और आंखों में खूनी झलक ही दिख रही है। उसे देखने से लगता है कि पकड़े जाने से कुछ देर पहले उसने किसी जानवर का शिकार किया है। भेड़िये को वन विभाग ने शिकार का लालच देकर ही फंसाया। बताया जा रहा है कि भेड़िया काफी भूखी थी। इसके चलते इसने बीती रात एक मवेशी को शिकार बनाया।
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चार साल की है पकड़ी गई भेड़िया
डीएफओ बहराइच अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि पकड़ी भेड़िया मादा है और पूरी तरह से स्वस्थ है। डॉक्टरों के पैनल ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया है। परीक्षण में उसकी उम्र लगभग चार साल है।
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तीन हमलों की सूचना, विभाग ने कहा भेड़िये ने नहीं किए उधर, वन विभाग मादा भेड़िये को पकड़ कर राहत की उम्मीद कर रहा था कि मंगलवार की शाम हरदी थाना क्षेत्र के तीन अलग-अगल गांवों में जानवरों ने बालिका समेत तीन पर हमला किया। तीनों को अस्पताल ले जाया गया है, लेकिन वन विभाग ने इसे भेड़िये का हमला नहीं माना है। विभाग का मानना है कि किसी दूसरे जानवर या नुकीली वस्तु के घाव हैं।
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हरदी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत टेपरी निवासी लल्ला (65), जंगलीपुरवा निवासी संगीता (35) व पूरे सीताराम गांव निवासी बिंदा (11) ने मंगलवार की शाम भेड़िया द्वारा हमला करने की सूचना दी। इसके बाद हड़कंप मच गया। सूचना पर वन टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की।
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साथ ही तीनों घायलों को इलाज के लिए सीएचसी महसी पहुंचाया। लेकिन वन विभाग ने इसे भेड़िया का हमला होने से इनकार किया है। डीएफओ अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि जांच पड़ताल की गई है। घायलों के घाव से स्पष्ट नहीं है कि जानवर का हमला है या नुकीली वस्तु का है। साथ ही घटनास्थल पर भेड़िये के पगमार्क नहीं मिले हैं। प्रथमदृष्टया यह भेड़िया के हमले नहीं है। जांच जारी है।
तीन बढ़ा रहे चिड़ियाघर की शोभा
वन टीम द्वारा ड्रोन में दिखे भेड़ियों में से चार को पहले की पकड़ा जा चुका है। पकड़े गए भेड़ियों में एक मादा भेड़िया थी, जिसकी रेस्क्यू के बाद मौत हो गई थी। वहीं, दो भेड़ियों को लखनऊ चिड़ियाघर और एक को गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया था। अब इस भेड़िये को भी गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया जााएगा।