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Wolf Attacks: आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने के लिए बनाया ये प्लान... वनकर्मियों के हाथों में लाठी-डंडा और जाल

Thu, 05 Sep 2024 02:32 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
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Wolf Attack - फोटो : अमर उजाला
बहराइच में प्रभावी कार्रवाई के लिए भेड़िया प्रभावित क्षेत्र को वन विभाग ने तीन सेक्टर में बांट दिया है। सभी में 20-20 टीमों की तैनाती की गई है। महसी तहसील क्षेत्र में औराही को सेक्टर एक, पूरे दिलदार सिंह को सेक्टर दो व बंशपुरवा को सेक्टर तीन बनाया गया है। इन क्षेत्रों में जागरूकता के लिए भी तीन टीमें तैनात की गई हैं। 

अभियान की समीक्षा के लिए बुधवार को जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. संजय निषाद, वन राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना व अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार बहराइच पहुंचे। सभी ने जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ बैठक कर हमलों की रोकथाम व भेड़ियों को पकड़ने की रणनीति बनाई।
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bahraich - फोटो : amar ujala
बैठक में मौजूद वन, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य व ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से मंत्रियों ने कहा कि सभी आपस में बेहतर तालमेल रखें और युद्ध स्तर पर कार्रवाई करें। सभी विभाग अपने-अपने एक नोडल अधिकारी नामित करें। सर्च ऑपरेशन में लगाई गई टीमों का विवरण जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराएं। 

 
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bahraich - फोटो : amar ujala
मंत्रियों ने विद्युत विभाग को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, वहीं मेडिकल कॉलेज व अन्य अस्पतालों की इमरजेंसी व एंबुलेंस को क्रियाशील रखने का निर्देश दिया। मंत्रियों ने लोगों को बाहर सोने से रोकने के लिए जागरूक करने की भी बात कही।

 

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डॉ. संजय निषाद - फोटो : amar ujala
प्रभारी मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रकरण को लेकर संवेदनशील हैं। हिंसक जीवों को पकड़ने में संसाधन व धन की कमी आंड़े नहीं आएगी। सर्च ऑपरेशन के लिए जिम्मेदार सभी विभाग मिलकर शीघ्र भेड़ियों को पकड़ें।
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bahraich - फोटो : amar ujala
पूरे दिन ड्रोन से होती रही निगरानी
भेड़ियों की तलाश में बुधवार को पूरे दिन कांबिंग व ड्रोन से खेतों की सघन निगरानी जारी रही। सिसैया चूड़ामणि, कोलैला, औराही गांवों में वनकर्मी हाथों में लाठी-डंडा, जाल लेकर घूमते नजर आए। ड्रोन टीम भी खेतों में निगरानी करती रही। इस दौरान सफलता नहीं मिली।

 
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Wolf attack in Bahraich - फोटो : istock
जनप्रतिनिधियों के सुझा पर रखें विशेष ध्यान : मनोज
अपर मुख्य सचिव वन मनोज सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान जनप्रतिनिधियों के सुझावों को महत्व दें। वे भौगोलिक परिस्थितियों से परिचित होते हैं। अभियान से जुड़े विभागों व सर्च टीमों में किसी भी स्तर पर संवादहीनता नहीं होनी चाहिए। संवेदनशील व चिह्नित स्थानों विशेष सावधानी बरती जाए।

 
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Wolf attack in Bahraich - फोटो : istock
ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल रिस्पांड करें। लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। बैठक में सांसद डॉ. आनंद गोंड, एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल, महसी विधायक सुरेश्वर सिंह, पीसीसीएफ रेनू सिंह व संजय श्रीवास्तव, डीआईजी अमरेन्द्र प्रसाद सिंह भी मौजूद रहे।

 

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Wolf attack in Bahraich - फोटो : istock
घायलों का जाना हाल
प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने जनप्रतिनिधियों के साथ मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने भेड़िये के हमले में घायल कमला देवी, सुमन देवी व अफसाना का हाल जाना। चिकित्सा कर्मियों को बेहतर इलाज के लिए निर्देशित किया।

बूढ़े हो गए, आज तक नहीं देखा ऐसा मंजर
कोलैला के बरसाती का कहना है कि उम्र ढल रही है। गन्ने के खेतों में बहुत भेड़िया रहते हैं। लेकिन इतना खौफ कभी नहीं देखा था। खेती किसानी सब चौपट हो गई है।

 

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Wolf attack in Bahraich - फोटो : istock
रात में हो रही फसल चौपट
बग्गर के रामतेज यादव का कहना है कि भेड़ियों की दहशत से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। रात में मवेशी फसल चट कर रहे हैं, कोई खेत नहीं जा रहा। दो महीने से जीना मुहाल है।

जागने से खराब हो रही तबीयत
सिसेया चूड़ामणि के हजारी आर्य का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चों को भेड़िया निशाना बना रहा है। रात में जागने से तबीयत खराब हो रही है। खेत कोई नहीं जा पा रहा है।

 
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भेड़िया - फोटो : iStock
जिंदा रहेंगे तो फिर पढ़ लेंगे
थैलिया की रोली सिंह का कहना है कि भेड़िया छोटे बच्चों को निशाना बना रहा है। जिसके चलते बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे। जिंदा रहेंगे तो फिर पढ़ लेंगे।

घर पर खुद पढ़ा रहे
नथुवापुर की शांति देवी का कहना है कि बच्चों को स्कूल न भेज कर खुद की घर पर पढ़ाते हैं। आतंक कम होने पर स्कूल भेजेंगे।

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