गैस सिलिंडर के बढ़ते दाम से उज्जवला योजना के लाभार्थियों के घरों में फिर से चूल्हे जलने लगे हैं। हाल यह है कि इस योजना के 50 फीसदी लाभार्थियों ने सिलिंडरों को भरवाना बंद कर दिया है।
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत वर्ष 2017 में बागपत में 89,357 लाभार्थियों को गैस सिलिंडर, चूल्हे, रेगुलेटर समेत अन्य सामान वितरित किया गया था। उस समय गैस सिलिंडर की कीमत 568 रुपये थी और उसमें उज्जवला योजना के लाभार्थियों को सिलिंडर के दाम के हिसाब से सब्सिडी भी दी जाती थी। उज्जवला योजना से गैस सिलिंडर व चूल्हा मिलने के बाद घरों में चूल्हे जलने बंद हो गए थे और गैस का इस्तेमाल शुरू कर दिया था।