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Amar Ujala Aparajita: बेटियां नहीं किसी से कमजोर, हर परिस्थिति से जूझने को तैयार

Thu, 20 Oct 2022 04:58 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत गुरुवार को गेटवे इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया। जिससे छात्राएं विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा खुद कर सकें। वहां आत्मरक्षा के गुर सीखते हुए छात्राओं ने कहा कि वह किसी से कमजोर नहीं हैं और हर परस्थितियों से जूझने के लिए तैयार रहती हैं। 

गेटवे इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए आयोजित कार्यक्रम का प्रधानाचार्य अमित चौहान ने शुभारंभ किया। प्रधानाचार्य अमित चौहान का कहना है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं है और ऐसे में बेटियों लिए आत्मरक्षा के गुर सीखना भी जरूरी है। यह जीवन शैली का गुण है जो विपरीत परिस्थितियों में बहुत कारगर साबित होता है।
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि अगर विपरीत परिस्थितियों में कोई खुद की सुरक्षा कर सकता है तो वह अपने परिवार को भी सुरक्षित रख सकता है। वह परिवार को सुरक्षित रख सकता है तो देश सुरक्षा के लिए भी वह योगदान दे सकता है। कहा की छात्राएं आत्मरक्षा के गुर सीखकर आगे बढ़ रही है और वह उनके लिए भी उदाहरण बन रही है जो इसके लिए झिझकती है। 

 
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद ट्रेनर नीरज रंगा ने छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए टिप्स दिए और उनको आत्मरक्षा के लिए ताइक्वांडो समेत अन्य तकनीकों के बारे में बताया। छात्राओं को मंच पर बुलाकर प्रैक्टिस कराई गई और अन्य छात्राओं को उनका उदाहरण देते हुए उनके बारे में बताया गया। इस दौरान शिक्षक अजय राणा, संजय शर्मा, प्रतिभा राज, सवेरा जैन, मनोरमा, सिरीन का सहयोग रहा। 

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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
इन तकनीकों के बारे में बताया गया
ट्रेनर नीरज रंगा ने छात्राओं को बताया कि किस परिस्थिति में कौनसी तकनीक को आत्मरक्षा के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने बॉक्सिंग पंच, ताइक्वांडो, लॉक्स, सेल्फ डिफेंस ट्रिप के बारे में बताया।
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
उनका कहना है कि लड़कियों के साथ जिस तरह से आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में सभी स्कूलों में छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण मिलना चाहिए। इसके लिए प्रतिदिन समय तय करके प्रशिक्षण दिया जाए तो उसका काफी फायदा होगा। उन्होंने बताया कि वह काफी समय से छात्राओं को प्रशिक्षण दे रहे है और छात्राएं रूचि भी दिखा रही है। 
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
आत्मरक्षा का प्रशिक्षण मौजूदा समय में जरूरी
आत्मरक्षा के गुर सीख रही छात्राएं परी जैन, कनिष्का त्यागी, अवनी त्यागी, रिया, अनामिका, वंदना, नंदनी, खुशी गोयल, प्रेरणा, माही, रूपा, ईशा, स्नेहा, प्रत्या, तनवी आदि का मानना है कि आत्मरक्षा के लिए मौजूदा समय में बालिकाओं के लिए प्रशिक्षण जरूरी है और सभी को प्रशिक्षण लेना चाहिए। ताकि विपरीत परिस्थिति होने पर उसका सामना करने में परेशानी न हो।
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
छात्राओं ने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेने के बाद वह अपनी रक्षा स्वयं कर सकती हैं। क्योंकि कई बार ऐसी परिस्थिति बन जाती है कि मदद के लिए आसपास कोई नहीं होता तो ऐसे समय में खुद ही अपनी रक्षा करनी होती है।
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