जिला अदालत ने कौड़िहार ब्लॉक प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान पाया कि आरोपी का करीब 49 मुकदमों का आपराधिक इतिहास है। साथ ही उस पर अत्यंत गंभीर प्रकृति के अपराध के आरोप हैं। इन तथ्यों के आधार पर उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश सीमा सिंह प्रथम ने सुनाया है।
नवाबगंज थाने में ग्राम चकरी निवासी मो.मुजफ्फर पर वादी मुकदमा अनिल पटेल ने दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि मुजफ्फर के लोगों ने उसे धमकाया कि पूर्व में जो एक मुकदमा दर्ज कराए हो, उसे वापस ले लो नहीं तो जान से मार देंगे। अन्य कई आरोप लगाए हैं। मुजफ्फर ने जमानत के जिला न्यायालय में अर्जी दाखिल की। आरोपी के वकील ने कोर्ट में तर्क रखा था कि मुजफ्फर को उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने क्षेत्रिय पुलिस से साठ-गांठ करके एक झूठे मुकदमे में फंसाया है।
यह भी कहा गया कि मुजफ्फर वर्तमान में कौड़िहार ब्लॉक प्रमुख हैं। 14 अक्तूबर 2023 से लगातार जेल में बंद हैं। उन्हें जमानत दी जाती है तो उसका दुरुपयोग नहीं करेंगे। शासकीय अधिवक्ता ने दलील की आरोपी का आपराधिक इतिहास है। ऐसे में उसे जमानत दी जाती है तो गवाहों को प्रभावित कर सकता है।