कासगंज सदर कोतवाली में सोमवार को धरना, घेराव और बवाल के मामले में कोतवाली के इंस्पेक्टर सिद्धार्थ तोमर की तहरीर पर भाकियू स्वराज के 201 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें 51 नामजद और 150 अज्ञात हैं। इनके खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, तोड़फोड़, गाली गलौज, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं भाकियू स्वराज ने भाजपा जिलाध्याध्य समेत 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, बलवा और लूट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इंस्पेक्टर सिद्धार्थ तोमर ने बताया कि भाकियू स्वराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार दोपहर से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान वे पुलिस अधिकारियों व पुलिस के लिए गाली गलौज और अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे थे। इन्होंने शाम के समय कोतवाली में तोड़फोड़ कर दी। 112 कंट्रोल रूम का शीशा और उनके आवास के दरवाजे तोड़ दिए।
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हेल्प डेस्क को टूटा शीशा
- फोटो : अमर उजाला
बवाल के दौरान ऑफिस की मेज का शीशा भी तोड़ा गया। हेल्प डेस्क में तोड़फोड़ कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। बलवा करते हुए पुलिसकर्मियों से मारपीट की गई। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हो गए। शहर के बिलराम गेट से लेकर बारहद्वारी तक भय और दहशत का माहौल बन गया। इस अफरा तफरी के माहौल को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल का प्रयोग करना पड़ा।
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कासगंज कोतवाली में हुआ था बवाल
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर ने कहा कि किसान नेताओं ने उग्र प्रदर्शन से शांति व्यवस्था बाधित की। दर्ज प्राथमिकी में किसान यूनियन स्वराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पांडे, उनके भाई प्रदेश प्रभारी आशीष पांडे सहित 51 लोगों को नामजद किया गया है। वहीं 150 अज्ञात कार्यकर्ताओं व किसानों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
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एसपी से बात करते किसान नेता
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने भाजपा जिलाध्यक्ष, किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सहित 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, बलवा और लूट की धाराओं में केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई भाकियू स्वराज के नेता सुरजीत सत्यदर्शी की तहरीर पर की गई है। सुरजीत सत्यदर्शी का आरोप है कि सोमवार की रात करीब 9 से 10 बजे यूनियन के नेता और कार्यकर्ता धरने पर बैठे थे। तभी भाकियू स्वराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया था।
किसान नेताओं को पकड़कर ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
डीआईजी दीपक कुमार ने घटना के बाद सदर कोतवाली पहुंचे और एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति से पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली। डीआईजी ने सभी पक्षों की एफआईआर दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनेगा पुलिस उससे सख्ती से निपटेगी।