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Exclusive: आगरा में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल, मरीज 50 गुना से ज्यादा बढ़े, चिकित्सक 50 फीसदी से भी कम

Sun, 28 Aug 2022 01:01 PM IST
धीरेन्द्र सिंह हितेश सिंह, आगरा
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जिला अस्पताल, आगरा - फोटो : अमर उजाला
आगरा के जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रत्येक चिकित्सक 250 से 300 मरीज प्रतिदिन देख रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इधर चिकित्सकों की संख्या कम होती जा रही है। जिला अस्पताल में चिकित्सक मानक से 50 फीसदी से भी कम रह गए हैं। मरीजों की संख्या 50 गुना से भी अधिक बढ़ गई है।

जिला अस्पताल के नौ विभागों में चिकित्सकों के 43 पद हैं लेकिन महज 17 चिकित्सक तैनात हैं। 26 पद खाली हैं। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि इन 17 में से भी चार चिकित्सकों का स्थानांतरण हो चुका है, हालांकि अभी रिलीव नहीं किया है।  जिला अस्पताल में चिकित्सकों के पद 1960 के दशक में सृजित हुए थे। उस समय जिला अस्पताल में 50 से 60 मरीज ही दिखाने पहुंचते थे। अब प्रतिदिन 2500 से अधिक मरीज ओपीडी में दिखाने के लिए पहुंचते हैं। ओपीडी का समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक है। चिकित्सक अतिरिक्त समय देकर मरीजों को देखते हैं।   
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आगरा जिला अस्पताल में युवाओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

16 ड्यूटी फील्ड की भी 

जिला अस्पताल के चिकित्सकों को 16 ड्यूटी फील्ड की भी देनी होती हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से वीआईपी व अन्य स्थानों पर ड्यूटी लगाई जाती है। जिस दिन चिकित्सक बाहर फील्ड में होते हैं, मरीजों को लौटना पड़ता है।     
 
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जिला अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला

30 सेकेंड में एक मरीज देखने पर जताई थी नाराजगी

गत दिनों जिला अस्पताल में लखनऊ से टीम आई थी। देखा कि त्वचा रोग के मरीजों को चिकित्सक औसतन 30 सेकेंड का समय ही दे रहे थे। इस पर नाराजगी जताई थी। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक ने बताया कि उस दिन त्वचा रोग विशेषज्ञ ने करीब 450 मरीज देखे थे। 

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पर्चा बनवाने के लिए खड़ी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

कोरोना के बाद सरकारी अस्पतालों पर लोड और बढ़ा

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) आगरा के अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव का कहना है कि कोरोना महामारी आने के बाद से सरकारी अस्पतालों में मरीजों का लोड बढ़ा है। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की संख्या बढ़ानी चाहिए। चिकित्सक बढ़ने से इलाज की गुणवत्ता बेहतर होगी। 
 
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जिला अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला

मरीज देखने का कोई मानक नहीं 

आईएमए, आगरा के अध्यक्ष का कहना है कि देश में अभी यह मानक नहीं बनाया गया है कि एक चिकित्सक निर्धारित समय में कितने मरीजों को देख सकते हैं। मरीज अधिक पहुंच रहे हैं तो चिकित्सक उन्हें लौटा भी नहीं सकते हैं। संख्या को देखते हुए चिकित्सक मरीजों को समय देते हैं।     
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आगरा का जिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

प्रति एक हजार जनसंख्या पर एक चिकित्सक होना चाहिए

विश्व स्वास्थ्य संगठन की अनुशंसा के मुताबिक वर्ष 2024 तक देश में प्रति हजार जनसंख्या पर एक चिकित्सक होना चाहिए। उत्तर प्रदेश में 3692 मरीजों पर एक ऐलापैथी चिकित्सक पंजीकृत है।
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डॉक्टर - फोटो : iStock
 
विशेषज्ञ   सृजित पद   तैनात   खाली पद 
जनरल फिजिशियन  8 -- 8
सर्जन   5 2 3
बाल रोग 3 2 1
रेडियोलॉजिस्ट  4 2 2
एनेस्थीसिया   4 2 2
पैथोलॉजी  4 1 3
आई सर्जन   4 2 2
आर्थोपेडिक्स   4 2 2
इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर 7 4 3



                                    
   
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