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UP News: एटा में चूहों ने बर्बाद की 4300 बीघा फसल या हकीकत कुछ और..., जांच करेंगे अधिकारी

Tue, 11 Oct 2022 04:04 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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चूहा - फोटो : सांकेतिक चित्र
एटा के राजा का रामपुर क्षेत्र में हाल ही में एक नहर का कटान होने से हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अपने बचाव में तर्क दिया कि नहर पटरी में चूहों ने छेद कर दिए थे, इस वजह से यह कट गई। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद इसकी जांच बैठा दी गई है।

गांव विजयपुर के पास बिल्सड पुवायां की तरफ 3 अक्तूबर की रात नहर पटरी कटी थी, जिसके चलते गांव विजयपुर, बिल्सड़ पुवायां, लालपुर, गढ़िया जगन्नाथ, गांव वीरनगर में पानी भर गया। ग्रामीणों के मुताबिक इन पांच गांव के 550 से ज्यादा किसानों के करीब 4300 बीघा खेतों में पानी भरने से फसल खराब हो गई। 5 अक्तूबर को सिंचाई खंड फर्रुखाबाद के अधिकारियों ने पहुंचकर नहर का कटान बंद कराया। इससे पानी गांवों में आना तो बंद हो गया, लेकिन पहले से भरे पानी से फसलों को नुकसान होता रहा। 
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नहर के पानी से खेत हुए जलमग्न - फोटो : अमर उजाला
जब सिंचाई विभाग के अफसरों से नहर के कटान और किसानों की क्षतिपूर्ति को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर लिए। सहायक अभियंता सूर्य प्रसाद ने साफ कहा कि चूहों ने नहर पटरी में छेद कर लिए, इससे नहर का कटान हुआ। इसमें सिंचाई विभाग की ओर से क्षतिपूर्ति नहीं दी जा सकती।
 
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किसानों ने पंपसेट लगाकर निकाला पानी - फोटो : अमर उजाला
दूसरी ओर किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा नहर की नियमित देखभाल और मरम्मत नहीं कराई जाती। पानी ओवरफ्लो होने से काफी दिन पहले से पटरी क्षतिग्रस्त हो रही थी। इसकी जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। इस पूरे मामले की खबर अमर उजाला में 6 अक्तूबर के अंक में प्रकाशित हुई। इस पर जिला प्रशासन ने एसडीएम जलेसर से जांच शुरू करा दी है।

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कटी नहर - फोटो : अमर उजाला
एसडीएम अलीगंज मानवेंद्र सिंह ने बताया कि  अमर उजाला में चूहों द्वारा नहर काटे जाने की खबर प्रकाशित होने पर जिला प्रशासन द्वारा जांच सौंपी गई है। नहर कटान को लेकर तकनीकी जांच की जाएगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों व गांववालों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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खेतों में भरा नहर का पानी - फोटो : अमर उजाला
एडीएम वित्त एवं राजस्व आयुष चौधरी ने बताया कि नहर कटने से किसानों की फसल बर्बाद हुई है, इसमें राजस्व विभाग की ओर से मुआवजा नहीं दिया जा सकता। सिंचाई विभाग की लापरवाही रही है तो उनसे ही मुआवजा दिलाया जाएगा। 
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