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सर्दी देरी से आई तो रूठ गए मेहमान परिंदे, इस बार 'सूर सरोवर' में कम है पक्षियों की संख्या

Tue, 22 Dec 2020 12:38 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सूर सरोवर पक्षी विहार में प्रवासी परिंदे - फोटो : अमर उजाला
आगरा के सूर सरोवर पक्षी विहार में इस बार मेहमान परिंदों की संख्या लगभग 50 फीसदी कम है। देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए यहां प्रवासी पक्षी हमेशा ही आकर्षण का केंद्र रहते हैं। सरोवर में रंग-बिरंगे विदेशी पक्षियों का विहार देखना पर्यटकों को सुखद अनुभूति देता है। लेकिन इस बार इनकी संख्या कम है। वन्य जीव विशेषज्ञ इनकी संख्या कम होने के पीछे सर्दी का मौसम देर से शुरू होना मान रहे हैं। 
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सूर सरोवर में प्रवासी पक्षी - फोटो : अमर उजाला
हर साल अक्तूबर में हिमालय पार मध्य एशिया, चीन, रूस, तिब्बत, भूटान, अफगानिस्तान और साइबेरिया से 18 से 20 हजार पक्षी आकर सूर सरोवर में बसेरा करते हैं। चार से पांच महीने रहने के बाद मार्च-अप्रैल में गर्मियां शुरू होते ही यह फिर अपने वतन लौट जाते हैं। ठंडे देशों में बर्फ गिरती है तो तालाब, नदी जमने लगती है। तब यह पक्षी भारत की ओर रुख करते हैं। 
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सूर सरोवर पक्षी विहार में प्रवासी परिंदे - फोटो : अमर उजाला
आगरा में 306 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला सूर सरोवर पक्षी विहार प्रवासी परिंदो का मुख्य ठिकाना रहता है। मछली, घोंघे और तालाब की हरी घास इनका भोजन है। रेंजर योगेश कुमार का कहना है कि यह पक्षी हर साल निश्चित समय पर आकर प्रवास करते हैं। फिर अपने समय पर चले जाते हैं।

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सूर सरोवर पक्षी विहार में अठखेलियां करते पक्षी - फोटो : अमर उजाला
राजहंस (फ्लैमिग गो), ग्रेट व्हाइट पेलिकन, सी गुल्स, ब्लैक नेक्ड स्टॉर्क, रूडी शेल डक, वारहेड गीज, प्रिंटेल, सोबलर, गुगराल, ग्रे हेरान, गुगराल, यूरेशियन स्पूनबिल, सवन, रोजी पेलिकंस, नॉर्दन निपटेल, कॉमन क्रेन, लिटिल ग्रेब, येलो एंड वाइट वैगटेल्स, कॉमन पोचार्ड समेत 32 प्रजातियों के 10 हजार से ज्यादा मेहमान परिंदे प्रवासरत हैं।
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सूर सरोवर पक्षी विहार में प्रवासी परिंदे - फोटो : अमर उजाला
वन्य जीव विशेषज्ञ टीके राय का कहना है कि सर्दी का मौसम देर से शुरू होना, तालाबों में पानी की कमी और पर्याप्त भोजन न मिलना प्रवासी पक्षियों के कम आने की प्रमुख वजह है। आगरा ही नहीं, कर्नाटक समेत अन्य पक्षी विहार में भी इस बार प्रवासी पक्षी बीते साल की तुलना में कम आए हैं। 
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