नाग पंचमी पर आज घर-घर में सांपों को दूध पिलाने की परंपरा निभाई जाती है, लेकिन जंतु विज्ञानियों के मुताबिक सांप दूध नहीं पीते हैं। सांप को दूध पिलाना उनके लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। सांप का पाचन तंत्र दूध के लिए नहीं बना है। सांप में ऐसे एंजाइम नहीं पाए जाते जो दूध को पचा सकें। दूध से उसके शरीर में इन्फेक्शन फैलता है, जो जानलेवा साबित होता है।
15-20 दिन तक भूखा प्यासा रखे जाते हैं सांप
वाइल्ड लाइफ एसओएस के डॉ. बैजूराज एमवी ने बताया कि नागपंचमी पर जो सांप दूध पीते दिखाए जाते हैं, उन्हें सपेरे 15-20 दिन तक भूखा प्यासा रखते हैं, जिससे जब भूखे सांप के सामने दूध आता है तो भूख मिटाने के लिए वह इसे पी तो लेता है, पर हजम नहीं कर पाता। सांप में दूध पचाने वाले एंजाइम होते ही नहीं। सपेरे सांप पकड़कर उनके जहरीले दांत तोड़ देते हैं, जिससे उनके मुंह में घाव हो जाता है। यह इन्फेक्शन ही उनके लिए जानलेवा होता है।