आगरा के शंभू नगर निवासी हलवाई बबलू से उसके बेटे के हत्यारोपी बंटी और टिंका अपनी बेइज्जती का बदला लेना चाहते थे। बंटी बबलू की पत्नी पर गलत नजर रख रहा था। पत्नी को इस बात का पता चलने पर पति से शिकायत कर दी थी। इस पर उसे बेइज्जत कर घर से भगा दिया था। वहीं टिंका नवरात्र में खूनी बोलकर प्रसाद वितरण करने से रोकने के कारण बबलू से रंजिश मान रहा था। इस वजह से उसने और बंटी ने हत्या की योजना बनाई। दोनों पिता और बेटे में से एक को मारना चाहते थे। हत्या के बाद मोहल्ले के युवक को ही फंसाने की साजिश कर रखी थी। मगर, पुलिस की पड़ताल में पूरा मामला खुल गया और आरोपी पकड़े गए। दोनों को जेल भेज दिया गया है।
एत्माद्दौला के शंभू नगर निवासी बबलू कुमार का बेटा गोल्डी 22 अक्तूबर की शाम को घर के बाहर से लापता हो गया था। वह गली में खेल रहा था। परिवार के लोगों ने उसे काफी तलाश किया, लेकिन वह नहीं मिला। इस संबंध में थाना एत्माद्दौला पर मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में कालिंदी विहार में गोल्डी का शव बरामद हुआ था। मुकदमे को हत्या की धारा में तरमीम किया गया था।
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आरोपी बंटी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने दोनों आरोपियों बंटी और टिंका को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम की पूछताछ में बताया गया कि हम दोनों आपस में दोस्त हैं। साथ में रहते एवं खाते पीते हैं। बंटी ने बताया कि बबलू मेरी रिश्तेदारी में लगता है। मेरा उसके घर आना जाना था। क्योंकि दो तीन महीने पहले बबलू का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें मैंने उसकी देखरेख और मदद की थी। उसकी पत्नी को अपने साथ बाइक पर अस्पताल लाता और ले जाता था, जिसके कारण बबलू की पत्नी बबली पर नीयत खराब हो गयी। उससे कहने पर उसने उल्टा सीधा बोलकर घर से भगा दिया था। यह बात बबलू को भी बता दी थी, जिससे उसने भी मुझसे बहुत उल्टा-सीधा कहा। बहुत बेइज्जती की थी। अन्य बात को लेकर भी लड़ाई झगड़ा किया था।
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बच्चे की मौत के बाद बिलखती दादी
- फोटो : अमर उजाला
हत्यारोपी टिन्का ने बताया कि नवदुर्गा के समय मोहल्ले में भंडारा होना था, जिसमें उसने चावल और 500 रुपए दिये थे, लेकिन बबलू ने यह कहकर बेइज्जती सबके सामने की कि हम खूनी का कोई सहयोग नहीं लेंगे, न खूनी के हाथ से प्रसाद वितरण कराएंगे। यह बात मुझे बहुत बुरी लगी थी। टिंका दो साल पूर्व में मैनपुरी के एलाऊ थाना में हत्या के मामले में जेल जा चुका था। इस कारण वो भी बबलू से बदला लेना चाहता था। दोनों ने अपनी बेइजत्ती का बदला लेने के लिये बबलू को या उसके लड़के को मारने का प्लान बनाया।
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बच्चे का पिता बबलू
- फोटो : अमर उजाला
घटना वाली शाम टिंका बबलू के बेटे को राधा कृष्ण मंदिर पर बुलाकर लाया था। उसे बाइक पर बैठाकर कालिंदी विहार में पार्क के पास ले जाकर तमंचे से सीने में गोली मार दी। बाद में दुकानों के बराबर हौदे में डाल दिया। टिंका जानबूझकर मोबाइल घर छोड़ गया था। घटना के बाद परिवार वालों को शक न हो एवं गुमराह करने के लिए उनके साथ बच्चे की तलाश कराते रहे। मोहल्ले के विष्णु को बच्चे की लाश पड़ी होने वाली हौद के पास जानबूझकर ले गए, ताकि वह शोर मचाकर सबको बता दे। उन पर किसी का शक न जाए। हम इसीलिये ढूंढते समय पुलिस के आसपास जान बूझकर बने रहे, जिससे पुलिस उनको देख ले और शक न करे। मोहल्ले के युवक को पुलिस पकड़ ले। हम हमेशा के लिए फरार होने की फिराक में थे। घटना में प्रयुक्त तमंचा भी हम दोनों ने खाली प्लाट में छिपाकर रख दिया था।
1. संतोष उर्फ बन्टी पुत्र कमल सिंह निवासी चर्चित वाटिका, मंडी समिति, थाना एत्माद्दौला।
2. असलेन्द्र उर्फ टिंन्का पुत्र अर्जुन सिंह निवासी शम्भूनगर, सतीनगर, थाना एत्माद्दौला। मूल निवासी ग्राम नगला धौवा, थाना एलाऊ, मैनपुरी।