सिक्किम में सेना के ट्रक के खाई में गिरने से हुए हादसे में शहीद हुए एटा के लांस नायक 32 वर्षीय भूपेंद्र सिंह की पत्नी सारिका सिंह को जब से जानकारी हुई है, तब से रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद हुए लांसनायक भूपेंद्र के गांव ताजपुर अद्दा में शनिवार को चूल्हे नहीं जले। पूरा गांव भूपेंद्र के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहा है। ग्रामीण परिजन को सांत्वना दे रहे हैं।
सेना के अधिकारियों से संपर्क में परिवारीजन
शहीद भूपेंद्र सिंह राठौर का शव देर रात लखनऊ पहुंचने की बात कही जा रही है और गांव में रविवार की सुबह पहुंचने के बाद अंत्येष्टि की जाएगी। परिवारीजन लगातार सेना के अधिकारियों से संपर्क साधे हुए हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी उच्चाधिकारियों से संपर्क में हैं।
फर्रुखाबाद के कायमगंज स्थित सीपी विद्या निकेतन से 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद ही वर्ष 2014 में भूपेंद्र सिंह राठौर सेना में भर्ती हुए थे और 25 ग्रेनेडियर बटालियन में सेवाएं देने लगे थे। पूरा परिवार बेहद खुश था, लेकिन शुक्रवार को जब सिक्किम में हादसे में शहीद होने की खबर मिली तो पूरा परिवार बुरी तरह से टूट गया।
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भूपेंद्र सिंह राठौर की पत्नी सारिका सिंह
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार की सुबह से ही ग्रामीण पिता सुरेंद्र सिंह और बाबा बैजनाथ सिंह राठौर को सांत्वना दे रहे थे। गांव में ज्यादातर घरों में शहीद होने के गम में चूल्हे नहीं सुलगे और आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
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शहीद भूपेंद्र सिंह की बेटी
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसी गांव वीरपुर, राजा का रामपुर, गढ़िया जगन्नाथ, बिल्सड़ पट्टी, बिल्सड़ पुवायां, पछांया के लोग जानकारी मिलने के बाद घर पर पहुंचते रहे और परिवारीजनों के साथ बैठकर घटना के बारे में जानकारी करते रहे।
शहीद के गांव पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
बीडीओ ने अंत्येष्टि स्थल की कराई सफाई
बीडीओ अलीगंज दिनेश चंद्र शर्मा ने गांव ताजपुर अद्दा पहुंचकर परिजन से अंत्येष्टि के बारे में जानकारी ली। इसके बाद परिवार वालों ने जगह का चयन कर बताया, तब बीडीओ ने अंत्येष्टि वाले स्थान की साफ-सफाई कराई।