भाजपा भले ही आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, लेकिन मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र की धूल भाजपा को हमेशा शूल चुभोती रही। जब से भाजपा का गठन हुआ तब से लेकर आज तक कभी भी भाजपा मैनपुरी में भगवा नहीं फहरा सकी। मोदी लहर भी यहां भाजपा के किसी काम न आ सकी। यही कारण है कि इस बार भाजपा कमल खिलाने को बेताब है और मुकाबला सैफई परिवार की बहू डिंपल यादव से है।
छह अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अस्तित्व में आई थी, तब समाजवादी पार्टी नहीं बनी थी। मैनपुरी लोकसभा सीट पर इसके बाद 1980, 1984 और 1989 के चुनाव में भाजपा ने प्रत्याशी ही नहीं उतारा। इसके बाद प्रत्याशी उतारने का सिलसिला शुरू हुआ तो भाजपा को हर बार मैनपुरी लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मुंह की खानी पड़ी। 1996 से पहले तक जहां कांग्रेस व अन्य क्षेत्रीय पार्टी यहां से जीतती रहीं, तो वहीं 1996 के बाद ये सीट सपा का गढ़ बन गई। मुलायम सिंह यादव या उनके द्वारा खड़े किए गए प्रत्याशी के आगे भाजपा को हार ही मिली।
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रघुराज सिंह शाक्य
- फोटो : अमर उजाला
आज तक कभी भी भाजपा मैनपुरी लोकसभा सीट पर कमल खिलाने में कामयाब नहीं हो सकी। मुलायम के तिलिस्म के आगे एक के बाद एक प्रत्याशी ढेर होते रहे। इस बार मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद भाजपा मैनपुरी सीट पर कमल खिलाने के लिए बेताब है। इसके लिए भाजपा ने अपने रथ का सारथी रघुराज सिंह शाक्य को बनाया है।
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डिंपल यादव और रघुराज शाक्य
- फोटो : अमर उजाला
रघुराज सिंह शाक्य साइकिल की सवारी कर संसद के साथ ही विधानसभा उत्तर प्रदेश तक का सफर तय कर चुके हैं। ऐसे में जीत का दारोमदार अब रघुराज सिंह शाक्य पर ही है, लेकिन उन्हें ये याद रखना होगा कि उनका मुकाबला मुलायम सिंह यादव की बहू और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव से है। ऐसे में ये सियासी घमासान दिलचस्प होगा।
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बसपा सुप्रीमो मायावती
- फोटो : amar ujala
जब बसपा के चलते तीसरे स्थान पर पहुंची भाजपा
1991 के बाद से लगातार भारतीय जनता पार्टी मैनपुरी लोकसभा सीट पर अपना प्रत्याशी उतारती रही, लेकिन इसमें कई बार बसपा ने भाजपा को तीसरे नंबर पर धकेल दिया। चाहे 2004 का मूल चुनाव हो या उपचुनाव दोनों में ही भाजपा तीसरे स्थान पर रही। सपा ने जहां जीत हासिल की तो वहीं बसपा दूसरे और भाजपा तीसरे स्थान पर रही। इसके अलावा 2009 के चुनाव में भी भाजपा तीसरे स्थान पर ही रही थी।
सपा प्रत्याशी डिंपल यादव, मुलायम सिंह यादव, भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य
- फोटो : अमर उजाला
कब-कब लड़ी भाजपा व किसने हराया
-1991 रामनरेश अग्निहोत्री भाजपा को उदय प्रताप जनता दल ने हराया।
-1996 में उपदेश चौहान भाजपा को मुलायम सिंह यादव सपा ने हराया।
-1998 अशोक यादव भाजपा को बलराम सिंह यादव सपा ने हराया।
-1999 दर्शन सिंह भाजपा को बलराम सिंह यादव सपा ने हराया।
-2004 में बलराम यादव भाजपा को मुलायम सिंह यादव सपा ने हराया।
-2004 उप चुनाव में रामबाबू कुशवाह भाजपा को धर्मेंद्र यादव को हराया।
-2009 तृप्ति शाक्य भाजपा को मुलायम सिंह यादव सपा ने हराया।
-2014 में शुत्रघन सिंह चौहान भाजपा को मुलायम सिंह यादव सपा ने हराया।
-2014 उप चुनाव में प्रेमसिंह शाक्य भाजपा को तेजप्रताप यादव सपा ने हराया।
-2019 प्रेम सिंह शाक्य भाजपा को मुलायम सिंह यादव सपा ने हराया।