आगरा के सदर स्थित परीक्षा केंद्र पर वन रक्षक की परीक्षा देने आए परीक्षार्थी को सॉल्वर बताकर उससे 75 हजार रुपये वसूल लेने के आरोपी को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। उसने खुद को एसटीएफ कर्मी बताकर जेल भिजवाने की धमकी दी थी। अब पुलिस एक अन्य आरोपी प्रबंधक महिला की तलाश कर रही है।
मैनपुरी जिले के गांव खिरिया पीपर, कुरावली निवासी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के जवान लोकेंद्र के भाई अवनीश 21 अगस्त को वन रक्षक की परीक्षा देने आगरा आए थे। परीक्षा केंद्र सदर के बड़ा उखर्रा स्थित शिक्षा बालिका इंटर कॉलेज था। आरोप के मुताबिक, परीक्षा केंद्र पर चेकिंग के दौरान आधार कार्ड और प्रवेशपत्र एक कर्मचारी ने चेक किया। वो कागजात फर्जी होने की बात कहते हुए अवनीश को सॉल्वर बताने लगा। इसके बाद परिजन से बात करके 75 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए थे। उसने खुद को एसटीएफ कर्मी बताया था। रुपये लेने के बाद ही अवनीश को जाने दिया। अपनी कार से भगवान टाकीज तक छोड़कर गया था। लोकेंद्र ने एडीजी जोन आफिस में शिकायत की। इसके बाद थाना सदर में मुकदमा दर्ज किया गया।
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पीड़ित परीक्षार्थी
- फोटो : अमर उजाला
दस्तावेज चेकिंग में लगी थी ड्यूटी
सीओ सदर अर्चना सिंह ने बताया कि आरोपी की धरपकड़ के लिए साक्ष्य संकलन किया गया। इसमें सामने आया कि आरोपी आशुतोष यादव उर्फ आशू है। वह गांव राटौटी, थाना पिढ़ौरा का रहने वाला है। परीक्षा के दौरान आशुतोष की गेट पर ड्यूटी लगी थी। उसे केंद्र पर परीक्षार्थियों के पहचानपत्र आदि चेक करने थे। मगर, उसने अवनीश को रोकने के बाद खुद को एसटीएफ कर्मी बताया। स्कूल प्रबंधक महिला भी उससे मिली हुई थी।
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पीड़ित परिक्षार्थी के भाई ने की थी शिकायत
- फोटो : अमर उजाला
आशुतोष ने ली थी रकम
सीओ ने बताया कि आशुतोष ने ही परीक्षार्थी से रकम ली थी। उसे बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कॉलेज की ओर से ड्यूटी लगाई थी। उसने 14 हजार रुपये प्रबंधक महिला को देने की बात कही है। वहीं अवनीश को परीक्षा दिलाने के बाद अपनी कार से छोड़ने गया था।
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परीक्षार्थी का प्रवेश पत्र
- फोटो : अमर उजाला
कार भी की गई बरामद
पुलिस ने उससे 29 हजार रुपये, दो फर्जी नंबर प्लेट और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की है। आरोपी को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है। वहीं प्रबंधक महिला के संबंध में साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी आशुतोष यादव ने अपनी कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। उसे यह भी उम्मीद नहीं थी कि पीड़ित मुकदमा दर्ज करा देगा। यही सोचा था कि वह डर की वजह से चुप होकर बैठ जाएगा।