फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mainpuri By-Election Result: नहीं थे मुलायम, फिर भी जलवा रहा कायम, मैनपुरी में डिंपल ने रचा नया इतिहास

Fri, 09 Dec 2022 12:39 AM IST
मुकेश कुमार नीलेश शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
विज्ञापन
1 of 5
डिंपल यादव और अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
दशकों तक मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र की गलियों में एक सियासी नारा गूंजता रहा है। ये नारा था जिसका जलवा कायम है, उसका नाम मुलायम है। मुलायम के निधन के बाद इस नारे को लेकर दुविधा की स्थिति आ गई थी, कि अब नेताजी नहीं हैं तो क्या जलवा कायम रहेगा। लेकिन धरतीपुत्र की धरती पर सपा को मिले जनादेश ने साबित कर दिया कि भले ही मुलायम सिंह यादव नहीं हैं, लेकिन यहां उनका जलवा आज भी कायम है। 

मैनपुरी, सपा का वह गढ़ जिसे समाजवादी पार्टी के गठन के बाद से लेकर अब तक कोई जीत नहीं कर पाया। वर्ष 1996 से लेकर अब तक समाजवादी पार्टी इस लोकसभा सीट पर काबिज है। उपचुनाव भले ही नेताजी मुलायम सिंह यादव के बिना लड़ा गया, लेकिन सपा ने इस चुनाव को नेताजी के नाम पर लड़ा। हर जनसभा में सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रत्याशी डिंपल यादव ने जनता से नेताजी को श्रद्धांजलि देने की अपील की। मैनपुरी के मतदाताओं ने भी अपने नेता का सम्मान और जलवा दोनों ही बरकरार रखा। 
विज्ञापन

2 of 5
डिंपल यादव - फोटो : अमर उजाला
सपा प्रत्याशी डिंपल यादव की जीत ने साफ कर दिया कि भले ही मुलायम सिंह यादव आज नहीं हैं, लेकिन उनका जलवा कायम है। मैनपुरी की जनता का प्रेम और विश्वास नेताजी पर आज भी कायम है। मैनपुरी में सपा के चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए विरोधी दलों को अभी और मेहनत करनी होगी। 
 
विज्ञापन

3 of 5
सपा प्रत्याशी डिंपल यादव, मुलायम सिंह यादव, भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य - फोटो : अमर उजाला
2019 के चुनाव में सपा और बसपा ने गठबंधन से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। इसके बाद भी मुलायम सिंह की जीत का आंकड़ा एक लाख से नीचे रह गया था। मुलायम के निधन के बाद उनकी पुत्रवधू डिंपल यादव को सपा ने मैदान में उतारा था। डिंपल को इतना बड़ा जनादेश मिला कि जीत का आंकड़ा आम चुनाव की अपेक्षा लगभग तीन गुना हो गया। 


 

4 of 5
जीत का प्रमाणपत्र प्राप्त करतीं सपा प्रत्याशी डिंपल यादव, साथ हैं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
सपा प्रत्याशी डिंपल यादव ने भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य को 2.88 लाख वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया है। डिंपल ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मतगणना स्थल पर पहुंचकर जीत का प्रमाणपत्र लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला

सपा ने कब कितने वोटों से जीता चुनाव

वर्ष प्रत्याशी कुल मिले वोट जीत का अंतर
1996 मुलायम सिंह यादव 273303 51958
1998 बलराम सिंह यादव 264734 10366
1999 बलराम सिंह यादव 244113 28026
2004 मुलायम सिंह यादव 460470 337870
2004 धर्मेंद्र यादव (उपचुनाव) 348999 179713
2009 मुलायम सिंह यादव 392308 173069
2014 मुलायम सिंह यादव 595918 364666
2014 तेजप्रताप यादव (उपचुनाव) 653786 321249
2019 मुलायम सिंह यादव 524926 94389

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें