आगरा के पांडव नगर में कारोबारी रोहित धूपड़ की पत्नी रितू (35), बेटी संचिका (6) और कायरा (4) की रहस्यमय मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब एम्स के रासानियक प्रयोगशाला के विशेषज्ञों की राय लेगी। तीनों के शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा परीक्षण रिपोर्ट को वहां भेजा जाएगा। पुलिस जानना चाहती है कि मौत का कारण क्या रहा होगा? सबसे अहम इस सवाल का जवाब जानना है कि तीनों के शरीर में कोई ऐसा रसायन तो नहीं था जो जानलेवा होता है?
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मृतक मां-बेटियों के फाइल फोटो
घटना 25 फरवरी को हुई थी। घर में उस समय रितू, कायरा और सचिका ही थीं। तीनों बाथरूम में नहा रहीं थी। रितू का फोन नहीं उठा तो रोहित पहुंचे। घर का गेट अंदर से बंद था। इसे खोला गया। मां-बेटियों के शव बाथरूम में मिले। गैस गीजर चल रहा था। पानी की टंकी पूरी खाली हो गई थी। एग्जास्ट फैन बंद था। उस समय यही माना गया कि गैस गीजर की गैस जलने से ऑक्सीजन खत्म हो गई होती।
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बाथरूम में जांच करता अधिकारी
कार्बन डाई ऑक्साइड कार्बन मोनो ऑक्साइड में बदल गई होगी जो जहरीली होती है। इसी से दम घुट जाने से मौत हुई होगी लेकिन पोस्टमार्टम में दम घुटने जैसी कोई बात नहीं आई। पुलिस अब उन संस्थानों की राय लेना चाहती है जहां से ऐसे उलझे मामले सुलझ सकने की उम्मीद हो। पूरी केस स्टडी और रिपोर्ट भेजी जाएंगी। एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि एम्स की केमिकल लेबोरेट्री को रिपोर्ट भेजकर भी राय ली जा सकती है।
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आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला
- फोटो : अमर उजाला
फोरेंसिक एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर दम घुटने से मौत हुई तो फेफड़ों में असर दिखता है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हो जाता है। इस केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने जैसा कोई जिक्र नहीं। इसके बाद विधि विज्ञान प्रयोगशाला में विसरा (पोस्टमार्टम में संरक्षित किए गए लिवर और आंत जैसे अंग) का परीक्षण किया गया। अगर मौत किसी प्रकार के जहर से होती है तो विसरा परीक्षण में पता चल जाता है। इस केस में विसरा परीक्षण रिपोर्ट में कोई जहर नहीं पाया गया।
पुलिस ने रोहित के पड़ोसियों, नौकरानी, परिचितों, परिजनों से पूछताछ की। इससे कोई ऐसा सुराग नहीं मिला, जिससे रहस्य से पर्दा उठ सके। इतना जरूर साफ हुआ कि घटना के वक्त मकान अंदर से बंद था। बाहर से कोई नहीं आया। रितू के मायका पक्ष ने हत्या की धारा में केस दर्ज कराया, लेकिन यह भी कहा कि कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।