आगरा के खंदौली में शनिवार शाम सरेराह हुई 22 वर्षीय रहनुमा की हत्या ने सबका दिल दहला दिया। जिसने भी वो मंजर देखा, वो उसे भुला नहीं पा रहा। पठान मोहल्ला के आरोपी दिलीप माहौर पर खून सवार था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आरोपी कुल्हाड़ी लेकर आया तो यही कह रहा था कि किसी को नहीं छोडूंगा। सबको मार दूंगा। दिलीप ने रहनुमा के मरने तक उस पर कुल्हाड़ी से प्रहार करता रहा।
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घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोग और पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पठान मोहल्ला के लोगों ने बताया कि दिलीप चार दिन से रहनुमा के घर के आसपास ही घूम रहा था। वो इस इंतजार में था कि किसी तरह से रहनुमा बाहर निकलकर आए। इसकी भनक परिवार के लोगों को भी हो गई थी। इसलिए उन्होंने समाज के लोगों से भी बातचीत की थी। दो दिन पहले थाना खंदौली भी आए। पुलिस ने तहरीर देने के लिए बोल दिया। इस पर वो चले गए थे।
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हमले में घायल मृतका के ताऊ
- फोटो : अमर उजाला
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब दिलीप आया तो उसके हाथ में कुल्हाड़ी थी। उसने पहले रहनुमा की बहन गुलफ्शा पर प्रहार किए। इसके बाद ताऊ सलीम पर हमला बोला। उनके गिरते ही रहनुमा पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। जब तक नहीं रुका, जब तक कि उसकी जान नहीं निकल गई। उस पर करीब 20 से 25 प्रहार किए। जिसने भी यह मंजर देखा, उसका कलेजा कांप गया।
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घटनास्थल पर पुलिस और स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी दिलीप हत्याकांड के बाद गांव से बाहर की तरफ भाग गया था। इस पर पुलिस ने उसकी तलाश की। बाद में हत्याकांड में प्रयुक्त हुई कुल्हाड़ी एक प्लाट में पड़ी मिल गई। इसकी जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने कुल्हाड़ी को कब्जे में ले लिया। उधर, रहनुमा की जिस तरह से हत्या की गई, उससे मोहल्ले के लोग भी सहम हुए हैं।
घटनास्थल पर पुलिस और स्थानीय लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के मामले में मृतका की बुआ यास्मीन ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें दिलीप पुत्र भगवती उर्फ चपाती, उसके भाई बंशी, मां राजो पत्नी भगवती, पूर्व प्रधान रामनगर पप्पू कोरी और हरीचंद्र पुत्र श्यामलाल को नामजद किया है। तहरीर में लिखा है कि आरोपी दिलीप ने हत्या की। अन्य नामजद लोग षड्यंत्र में शामिल रहे।